उद्धव ठाकरे ने दिया अपनी ही गठबंधन पार्टी कांग्रेस को झटका

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देश के सबसे बड़े सूबों में से एक महाराष्ट्र में इन दिनों उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री है जो बाल ठाकरे की विरासत को आगे ले जा रहे है. हालांकि उन्हें इस पद को हासिल करने के लिए काफी ज्यादा समझौते करने पड़े है और तब जाकर के वो मुख्यमंत्री पद को हासिल कर पाए है और जब अब इतना कुछ हो गया है तो फिर जाहिर तौर पर उन्हें गठबंधन के साथियो के मुताबिक ही चलना पड़ेगा लेकिन सामना में हाल ही में उन्होंने जो बोला है उसे देखकर के तो ऐसा बिलकुल भी नही लग रहा है.

इंटरव्यू में बोले ठाकरे, सीएए से किसी की नागरिकता नही जाती है
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शिवसेना की ही पत्रिका सामना को इंटरव्यू दिया है जिसमे उन्होंने मोदी सरकार द्वारा लाये गये नागरिकता संशोधन क़ानून का समर्थन किया है हालांकि वो एनआरसी के समर्थन में नही है. ठाकरे ने कहा ‘सीएए से देश के किसी भी नागरिक की नागरिकता नही जायगी. हाँ एनआरसी को महाराष्ट्र में लागू नही होने दिया जायेगा. इससे हिन्दू और मुस्लिंम दोनों के लिए ही नागरिकता साबित करना मुश्किल हो जयेगा और मैं ऐसा नही होने दूंगा.’

उद्धव ठाकरे ने अपने एजेंडे के बारे में भी बात की और कहा कि हमने गठबंधन जरुर किया है लेकिन हिंदुत्व के एजेंडे को नही छोड़ा है और न ही धर्म बदला है. हमने विचारधारा से कोई भी समझौता नही किया है. कांग्रेस पार्टी के लिए ये बहुत ही बड़ा झटका है क्योंकि कांग्रेस लगातार उद्धव ठाकरे की सरकार पर दबाव बनाने का प्रयास कर रही थी कि वो महाराष्ट्र सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पास करे लेकिन उद्धव ठाकरे के इस बयान के बाद में साफ़ हो गया है कि वो यहाँ पर कांग्रेस के साथ में नहीं है.

वही फिर से वही अपना हिन्दू धर्म वाला राग भी छेदकर के उद्धव ठाकरे साफ़ कर रहे है कि वो अभी तक सेक्युलर राजनीति की तरफ आगे मन से नही बढे है क्योंकि अगर उन्होंने ऐसा किया तो उनकी जगह को लेने के लिए राज ठाकरे पहले से ही तैयार बैठे हुए है.