कैलाश विजयवर्गीय ने कहा देशभक्ति करो लेकिन मोदी जितना नही, बतायी ये वजह

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इन दिनों में देश में राष्ट्रवाद की लहर चली है और जमकर के चली है और इसके पुरोधा कही न कही प्रधानमंत्री मोदी को माना जाता है ये भी हम लोग जानते ही है कि अज अगर नरेंद्र मोदी इस मुकाम पर है तो उन्हें इसके लिए कितना ज्यादा त्याग करना पड़ा है और उसमे से वैवाहिक जीवन से लेकर परिवार वगेरह सब कुछ शामिल है और इस बात को सिर्फ वही ही समझ सकता है जिस पर गुजर रही होती है बाकी कोई इसे नही समझ सकता है. कैलाश विजयवर्गीय ने भी इसी बात को अपने लोगो के बीच में रखा.

देशभक्ति करो, लेकिन इतनी भी न करो कि मोदी जी जैसे शादी ही न करो
कैलाश विजयवर्गीय भारतीय जनता पार्टी का बहुत ही बड़ा चेहरा है जैसा कि हम जानते ही है. वो इन दिनों अपने गृह क्षेत्र इंदौर में है और यहाँ पर वो एक मेराथन में संबोधन दे रहे थे जो नशे के खिलाफ निकाली गयी थी. वहाँ पर बात करते हुए विजयवर्गीय ने कहा कि नशा करना है तो देशभक्ति का करो लेकिन वो भी इतना न हो कि मोदी जी की तरह शादी ही न करे.

ये बात उन्होंने मजाकिया लहजे में कही थी लेकिन इसका अर्थ काफी गूढ़ माना जाता है. कई जगहो पर माना जाता है कि पीएम ने शादी की है और फिर पत्नी को देश के लिए छोड़ना पडा तो कई जगहों पर इसे झूठ माना जाता है. खैर दोनों ही परिस्थितियों में एक चीज तो साबित होती ही है कि मोदी ने वैराग्य को प्राप्त कर लिया उन्हें गृह सुख की कभी प्राप्ति ही नही हुई जो कि तकलीफदेह भी है अगर आप एक आम इंसान की निगाह से इन सभी चीजो को देखे.

हालांकि विपक्ष इसमें प्रधानमंत्री की ही गलती मानता रहा है और उन्हें जसोदा बेन का कसूरवार भी ठहराता है जो कि राजनीति का एक हिस्सा मात्र है मगर असल में एक नजरिये से देखा जाए तो ये अपने आप में एक त्याग ही है.