बिजली चोरी करने वालो को अब लगेगा बड़ा झटका, मोदी सरकार का बड़ा ऐलान

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देश में अब बिजली उत्पादन तो काफी बढ़ा है और लोगो तक पर्याप्त मात्रा में बिजली पहुँच भी रही है लेकिन बिजली की चोरी करने वाले लोग आज भी बड़ी समस्या बने हुए है और इनका कुछ न कुछ इलाज करना जरूरी ही है क्योंकि जिस तरह से लगातार कई लोग कभी कमर्शियल तो कभी निजी कामो के लिए बिजली चोरी करते हुए नजर आये है वो काफी चिंता का विषय है. इससे बिजली के दाम भी प्रभावित होते पर अब ऐसा नही होगा क्योंकि इस सिस्टम में पूरी तरह से पारदर्शिता लाने पर काम किया जा रहा है.

अब घरो पर लगेंगे प्रीपेड बिजली मीटर, बिजली कम्पनी चुनने की भी मिलेगी
आजादी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल ही में पेश हुए बजट में ही घोषणा कर दी है कि भारत में अब भविष्य में बिजली के मीटर पोस्टपेड नही बल्कि प्रीपेड लगेंगे और बिजली सिर्फ उन्ही मीटरो के जरिये ही जायेगी. इसके अलावा कही से भी बिजली जायेगी ही नही तो बिजली की चोरी अपने आप ही रूक जायेगी.

सरकार की माने तो अगले 3 वर्षो के भीतर देश भर के अधिकतर राज्यों और शहरो में प्रीपेड बिजली के मीटर लग भी जायेंगे. इसके बाद में लोगो को बिजली का इस्तेमाल करने के लिए बिल भरने की जरूरत नही रहेगी बल्कि वो डायरेक्ट अपने घर पर बैठकर के मोबाइल से ही अपने मीटर का रिचार्ज कर सकेंगे और जितना रिचार्ज किया जायेगा उतनी बिजली मिलती रहेगी. इसमें कहा ये भी जा रहा है कि जहाँ पर एक से अधिक कम्पनियां काम कर रही है वहाँ पर ग्राहकों को कम्पनी भी अपनी इच्छा से चुनने की आजादी मिलेगी. हालांकि ये काफी ज्यादा उलझा हुआ जरुर है पर उम्मीद है कि सरकार इसे सुलझा लेगी.

हालांकि लोगो को ये नया सिस्टम अपनाने में थोड़ी सी झुन्झुलाहट जरुर हो सकती है क्योंकि अभी तक लोगो को सिर्फ पोस्टपेड बिजली का उपयोग करने की ही आदत है हालांकि सरकार का कहना है कि ये काम धीरे धीरे होगा और इसमें तीन साल तक लग जायेंगे जिसमे राज्यों की मदद की जरूरत भी पड़ेगी.