अब कांग्रेस सत्ता में रहकर शिवसेना से वो काम करवाने जा रही है, जो ठाकरे नही करना चाहते

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महाराष्ट्र में बेमेल गठबंधन पिछले काफी समय से सत्ता में है और सरकार चला रहा है. ऐसी सरकार जहाँ पर मुख्यमंत्री चाह कर भी अपनी मर्जी की नही कर पा रहा है मगर अब जो होने जा रहा है वो शायद उद्धव ठाकरे और उनकी पार्टी कभी भी अपनी मर्जी से नही करना चाहेंगे. आरक्षण शुरू ही महाराष्ट्र में एक बड़ा मुद्दा रहा है इस बात में कोई शक नही है और कांग्रेस उसी को भुनाकर फिर से मुस्लिम वोट बैंक को अपनी तरफ एकजूट करने के प्रयास में नजर आ रही है. शिवसेना पर इसे लेकर के दबाव भी बनाया जा रहा है.

प्रदेश में मुस्लिम आरक्षण लागू करने को लेकर शिवसेना पर दबाव बनायेगी
कांग्रेस कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और वर्तमान मे महाराष्ट्र सरकार में मंत्री अशोक चहाव्ण ने हाल ही में बयान देते हुए कहा ‘कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर के बेहद ही गम्भीर है और जल्द ही मुस्लिमो के लिए भी नयी आरक्षण की व्यवस्था लाई जायेगी. हम इसे लेकर के शिवसेना पर दबाव बनायेंगे.’ कांग्रेस ने प्रतिबद्दता जताई है कि वो इस मामले में मुस्लिमो के साथ है और शिवसेना पर इसे लेकर के दबाव बना रहे है.

वही शिवसेना का रूख शुरू से ही इस मामले पर बिलकुल ही अलग रहा है वो मराठा आरक्षण के पक्ष में रही है और उसे लागू भी करवाया है लेकिन बाकी के मामलो में नकारती रहती है जिसके चलते लोग शिवसेना पर को मराठी राजनीति की पुरोधा मानते है पर अब अगर शिवसेना से कांग्रेस दबाव बनाकर के मुस्लिम आरक्षण लागू करवाने में कामयाब हो जाती है तो फिर शिवसेना की जो मूल राजनीति है उससे तो वो दूर होती हुई ही नजर आयेगी इसमें कोई शक नही है.

अब शिवसेना के लिए ये बहुत ही बड़ी चुनौती भी है कि किस तरह से वो सत्ता में कांग्रेस के साथ में भी बनी रहती है और अपनी नीतियों पर भी बने रहती है क्योंकि कांग्रेस के कहे चलने पर वो मराठी वोटो से दूर भी जा सकती है.