सिब्बल और गौरव भाटिया पहुंचे थे सुप्रीम कोर्ट, जज ने भड़ककर दोनों को टीवी पर जाने को कहा

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जब तक भारत में लोकतन्त्र है तब तक जाहिर तौर पर राजनीतिक पार्टियां आपस में लडती भिड़ती ही रहेगी और इनके बीच में कुछ न कुछ मनमुटाव होंगे. अब जब ये आपस में हल नही होते और लगता है कि मामला कानूनी हो रहा है तब ये दोनों ही या फिर जितनी भी पार्टियां है सभी के सभी सुप्रीम कोर्ट में पहुँच जाती है ताकि कुछ न कुछ निपटारा निकले. आखिर कोर्ट से ऊपर भला कौन है? मगर कई दफा ऐसी ऐसी चीजो को लेकर या बार बार राजनीतिक मुद्दों को लेकर के कोर्ट पहुँच जाते है लोग और फिर जज भी झुंझला जाते है.

राजनीतिक झगड़े हल करने की जगह नही है कोर्ट, टीवी चैनल पर जाकर मामला सुलझाओ
दरअसल भारतीय जनता पार्टी के ही नेता की तरफ से बगाल को लेकर के एक पीआईएल दायर की गयी जिसमे बंगाल में लगातार राजनीतिक कारणों से जा रही जानो पर सुप्रीम कोर्ट से सुनवाई की मांग की गयी जिसमे बीजेपी की तरफ से वकील थे गौरव भाटिया और तृणमूल की तरफ से कोर्ट में कपिल सिब्बल पेश हुए.

अब इस पूरे मामले को देखते ही चीफ जस्टिस काफी ज्यादा भड़कते नजर आये और उन्होंने कहा ‘हमें ये बड़े ही अच्छे से पता है कि किस तरह से अपने पोलिटिकल झगड़ो को सुलझाए के लिए पार्टियां कोर्ट का इस्तेमाल करना चाह रही है. इस जगह पर भी ये दोनों ही पक्ष ऐसा चाहते है. बेहतर तो यही होता कि दोनों ही पक्ष किसी टीवी चैनल पर जाकर के अपना झगडा सुलझा लेते, कोर्ट ये सब करने की जगह नही है.’ इसी के साथ सभी पार्टियों को एक तरह से सलाह दे दी है कि वो अपने फायदे के लिए सुप्रीम कोर्ट को साधन न बनाये.

ऐसा नही है कि बंगाल में जो कुछ भी हो रहा है उस पर सुप्रीम कोर्ट की नजर ही नही है. सुप्रीम कोर्ट बिलकुल अच्छी तरह से इस पर ध्यान रखे हुए है और दुलार कुमार नाम के बीजेपी कार्यकर्ता की याचिका पर कोर्ट ने बंगाल सरकार को नोटिस भेजकर के जवाब भी माँगा है.