अब इस नये मुद्दे पर शिवसेना और एनसीपी कांग्रेस आमने सामने, कब तक टिकेगा गठबंधन

603

महाराष्ट्र में तीन पार्टियों ने मिलकर के सरकार बनाई है जो है शिवसेना, कांग्रेस और अंतिम है एनसीपी. इन सभी तीनो ही पार्टियों के अपने अपने हित थे किसी को बीजेपी को सत्ता से बाहर रखना था तो किसी को सीएम पद का लालच था. अब गठबंधन हो गया हो और सरकार भी बन गयी लेकिन अब क्योंकि वैचारिक समानता नही है तो आपस में झुन्झुलाना भी लाजमी है. संजय राउत के बयानों से तो ऐसा ही लग रहा था और अब अदनान सामी को लेकर के ये जिस तरह से आपस में आमने सामने दिख रहे है वो भी हैरान करने वाला है.

शिवसेना सांसद ने किया अदनान सामी को पद्म पुरस्कार देने का समर्थन, एनसीपी और कांग्रेस विरोध में उतरी
शिवसेना के सांसद है जिनका नाम है गजानंद कीर्तिकर. इन्होने बयान देते हुए कहा है कि अदनान सामी को अगर पद्म पुरस्कार दिया गया है तो इस पर सवाल उठाना पूरी तरह से गलत है, क्योंकि ये फैसला पूरी एक लम्बी प्रक्रिया के बाद में लिया जाता है. अगर अदनान सामी को सम्मान दिया गया है तो बिल्कुल सही दिया है.

वही दूसरी तरफ अगर हम देखे तो एनसीपी के नेता का कहना है कि अब ये पुरस्कार गलत तरीके से दिए जा रहे है. जो भारत में आकर के मोदी की जय बोलेगा उसे नागरिकता भी देंगे और अवार्ड भी देंगे. कांग्रेस भी इसका जमकर के विरोध कर रही है. अब ऐसे में शिवसेना अपने वैचारिक विरोधियो के बीच में खुदको कैसे संभाल पाती है ये भी देखने वाली ही बात होगी क्योंकि चुनौतियां तो अभी शुरू ही हुई है.

सेना के पाँव तले से उनकी जमीन खिसक रही है और ये उनसे ही निकली पार्टी मनसे करने का प्रयास कर रही है क्योंकि जिस तरह से शिवसेना अब हिंदुत्व से अलग थलग पड़ती नजर आ रही है उसके बाद में इसकी कमान राज ठाकरे लेने की कोशिश कर रहे है और अगर भाजपा का साथ उन्हें मिल जाये तो वो ऐसा कर भी सकते है.