अमित शाह ने CAA विरोध के मास्टरमाइंड को पकड़ लिया है

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नागरिकता क़ानून को पास हुए काफी लंबा समय बीत चुका है और ऐसे वक्त में देश के कई कोनो में लगातार विरोध और प्रदर्शन किये जा रहे है. इतने लम्बे समय तक प्रदर्शन कर पाना कोई आसान काम भी नही है और ये बात कही न कही सच है. मगर जब हम बात करते है इतने सारे प्रदर्शनों की तो इसे आधार कौन दे रहा है? किसने देश को अरबो का नुकसान करवा दिया? ये कोई पता नही कर पा रहा था लेकिन आखिरकर गृह मंत्रालय ने जांच की और सारा का सारा कच्चा चिट्ठा खोलकर के दिया है.

पीएफआई से जुड़े सबके तार, सिब्बल और इंदिरा जय सिंह जैसे बड़े नाम शामिल
गृह मंत्रालय ने हाल ही में एक रिपोर्ट जारी की है जिसमे कहा गया है कि पीएफआई से जुड़े कुल 73 बैंक खातो की पहचान की गयी है जिनसे पिछले महीनो में 120 करोड़ रूपये ट्रांसफर किये गये. इसमें कई बड़े वकीलों के नाम भी शामिल है जिनमे कपिल सिब्बल, इंदिरा जय सिंह और दुष्यंत दवे जैसे बड़े नाम शामिल है. दुष्यंत दवे ने तो मामला सामने आते ही अपनी तरफ से सफाई देनी भी शुरू कर दी है. वही सिब्बल ने ये तक कहा कि ये मेरे खिलाफ साजिश है और कानूनी कार्यवाही करने की धमकी दी है.

इसके अलावा ये दावा भी किया जा रहा है कि इसी पीएफआई ने शाहीन बाग़ में अपने दफ्तर खोल लिए है जहाँ से ये लोगो को पैसा ट्रांसफर कर रहे है और ऐसे आंदोलनों को बैकिंग देने का काम किया जा रहा है. जी न्यूज़ के दावे के मुताबिक कई खातो में पैसे 50 हजार से कम ट्रांसफर किये गये है क्योंकि उनमे पैन कार्ड देने की जरूरत नही थी और इससे पहचान उजागर करने की जरूरत नही पडती है.

अब पीएफआई का नाम सामने आ ही गया है तो मोटा भाई जाहिर तौर पर चुप तो बैठने वाले नही है. योगी आदित्यनाथ की सरकार ने पहले ही इस संगठन पर बैन लगाने की मांग कर दी है और जिन लोगो ने इन्हें समर्थन दिया है या फिर उनके लिए काम किया है उनके नाम भी सामने लाने का प्रयास हो रहा है.