जनसँख्या नियंत्रण क़ानून पर बोले मोहन भागवत, दिया बड़ा संकेत

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देश में जनसँख्या काफी तेजी के साथ में बढ़ रही है और ये अपने आप में काफी बड़ी समस्या है जो कही न कही चिंता का विषय भी है. कई लोग चाह रह है कि वाकई में ऐसा हो जाए मगर इस पर खुलकर के लोग कम ही बोल पाते है मगर हाल ही में संघ प्रमुख मोहन भागवत इस पर बोले है और काफी खुलकर के बोले है. मोहन भागवत ने ये सब बाते आरएसएस के ही एक कार्यक्रम के दौरान कही है जिस पर आगे चलकर के बवाल मचना काफी हद तक तो तय है.

मोहन भागवत ने बतायी दो बच्चो वाले क़ानून की जरूरत, जनसँख्या ले चुकी है विकराल रूप
संघ के प्रमुख मोहन भागवत फ़िलहाल आरएसएस के एक कार्यक्रम में पहुंचे थे जहाँ पर बात करने के दौरान उन्होंने कहा कि जनसँख्या की बढ़ोतरी अब एक बेहद ही विकराल रूप धारण कर चुकी है. संघ का रूख इस पर हमेशा से ही दो बच्चो वाले क़ानून की तरफ रहा है और इसे लाना केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है. सरकार को अब ऐसा कोई क़ानून लाने की जरूरत है जिससे जनसँख्या को नियंत्रित किया जा सके.

मोहन भागवत का ये बयान अपने आप में बड़ा संकेत है भाजपा के लिए कि वो अब तैयारी शुरू कर दे जब उन्हें जनसँख्या नियंत्रण क़ानून लाना है और वाकई में इस क़ानून को लाने का मतलब ये ही है कि देश की बढती हुई पापुलेशन पर लगाम लग जाए. खैर देश में सिर्फ मोहन भागवत ही नही बल्कि और भी कई बड़े लोग जैसे बाबा रामदेव और गिरिराज सिंह आदि भी इसी तरह के क़ानून की मांग कर चुके है लेकिन देश में शिक्षा और समझ की लोगो में कमी के चलते ये लागू हो नही पाया है.

हालांकि इस पर भी राजनीति शुरू हो गयी है और कई लोग इसके विरोध में भी उतर आये है. नवाब मलिक ने तो ये तक कह दिया कि पुरुषो की नसबंदी की जाने की तैयारी है. खैर जो भी है सारा सच तो आने वाले समय में ही पता चल पायेगा.