बिहार में चुनाव अकेले लड़ेंगे या नीतीश के साथ? अमित शाह ने जवाब दे दिया है

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भाजपा का फोकस फ़िलहाल दो बड़े राज्यों पर है पहला तो दिल्ली जिसमे अगले महीने चुनाव होने जा रहे है और इसके बाद दुसरे नम्बर पर आता है बिहार जिसमें भी इसी साल ही चुनाव होने वाले है और ये चुनाव अपने आप में बेहद ही जरूरी है क्योंकि दिल्ली में गाडी डगमग है लेकिन बीजेपी के लिए बिहार जीतना काफी आसान हो सकता है अगर वो स्ट्रेटजी के साथ में खेलना शुरू करे. फ़िलहाल महाराष्ट्र और राजस्थान जैसे राज्यों में सत्ता से बाहर होने के बाद मिली निराशा में आशा यही एक राज्य जगा सकता है.

अमित शाह का ऐलान, नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही चुनाव लड़ेंगे
अमित शाह ने बिहार में चुनाव लड़ने को लेकर के बड़ा ऐलान किया है. वो राज्य में रैली को संबोधित करने के लिये पहुंचे थे जहाँ पर उन्होंने साफ़ तौर पर कहा कि बिहार विधानसभा का अगला चुनाव भारतीय जनता पार्टी नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही लड़ेगी. यानी नीतीश कुमार एक बार फिर से बिहार में बीजेपी और जेडीयू के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार होने वाले है और ये बात भी सभी जानते है कि फ़िलहाल नीतीश की लोकप्रियता को बिहार में कोई टक्कर देने वाला नेता नही है.

सिर्फ शाह ने ही नही बल्कि एलजेपी के अध्यक्ष चिराग पासवान ने भी इस मामले पर साफ़ कर दिया है कि उनकी पार्टी भी इस मामले में बीजेपी के साथ है और हम सभी का नेतृत्व बिहार में नीतीश कुमार ही करने वाले है. अब जिस तरह से ये गठबंधन अपनी दोस्ती दिखा रहा है उसके बाद में लालू की पार्टी हो या फिर लेफ्ट हो दोनों ही इनके मुकाबले कही पर भी ठहरती नजर नही आती.

खैर जो भी है इससे कम से कम इतना तो साफ़ हो ही गया है कि बिहार में आने वाले चुनावो की पिक्चर क्या है? वैसे भाजपा शिवसेना के जाने के बाद से ही अपने सहयोगी दलों के साथ अच्छे से मेल मिलाप बढाने और उन्हें अधिक वरीयता देने पर काम कर रही है ताकि वो खुश रहे और साथ बने रहे.