अब कांग्रेस को दिया ममता और केजरीवाल ने मिलकर बड़ा झटका

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इन दिनों में कांग्रेस पार्टी जो कभी इस देश पर राज किया करती थी वो अपने अस्तित्व के लिए जूझ रही है और जो छोटी मोटी क्षेत्रीय पार्टियां जो कभी कांग्रेस के आगे पीछे घूमा करती थी वो भी अब उसे आँख दिखाकर के निकल जाती है. आखिर वक्त तो बदलता है और सबका बदलता है इस बात में कोई भी शक नही है. आज हम ऐसी ही एक बात करने जा रहे है जिससे आपको मालूम चल जाएगा कि विपक्ष में फूट किस हद तक पड़ चुकी है और इसका फायदा कही न कही सीधे तौर पर भाजपा को ही होना है, इस बात में भी कोई शक नही है.

कांग्रेस ने बुलाई थी सीएए पर बैठक, ममता और केजरीवाल ने किया किनारा
कांग्रेस पार्टी चाह रही है कि सीएए और एनआरसी पर विपक्ष सरकार के खिलाफ एकजुट हो और इसे लेकर के ही सोनिया गांधी ने एक विपक्षी दलों की बैठक बुलाई थी. इसमें कई बड़े नेता आये लेकिन दो बड़े दिग्गज नही पहुंचे जिनमे से पहली तो थी ममता बनर्जी और दुसरे थे केजरीवाल. इनके न आने के पीछे कारण है इनके राज्यों में आने वाले अगले विधानसभा चुनाव.

दिल्ली में अगले महीने यानी फरवरी में ही चुनाव होने है जिसमे केजरीवाल के खिलाफ कांग्रेस लड़ने वाली है और बंगाल में भी अगले साल विधानसभा में टीएमसी कांग्रेस के खिलाफ लडती दिखेगी तो एक नेशनल मुद्दे के लिए अपनी ही विरोधी पार्टी से जाकर के मिलना भला कोई क्यों चाहेगा? इसी वजह से ममता और केजरीवाल दोनों ने ही सीएए से किनारा कर लिया है. हाँ ममता अपने राज्य में थोडा बहुत प्रदर्शन कर रही है लेकिन केजरीवाल ने तो वो भी करने की जरूरत नही समझी.

ऐसे में ये कांग्रेस पार्टी के लिए बहुत ही बड़े झटके की तरह है कि दो बड़े दिग्गज नेता जो बीजेपी के खिलाफ कांग्रेस को मजबूती दे सकते थे वो छिटक गये है. हालांकि अब तो सीएए देश भर में लागू भी हो चुका है