महबूबा मुफ़्ती को लगा एक और झटका, जो थोडा बहुत बचा था वो भी बर्बाद हो गया

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कभी कश्मीर के नाम पर देश के खिलाफ जहर उगलने वाली महबूबा मुफ़्ती को इन दिनों सरकार ने कुछ कारणों से नजरबंद करके रखा हुआ है. पिछले अगस्त से ही कश्मीर में माहौल बिलकुल केंद्र सरकार के कब्जे में है. अनुच्छेद 370 हटने के बाद से ही न सिर्फ इन्टरनेट सेवाओं पर रोक लगी हुई है बल्कि कश्मीर में माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर सकने वाले सभी नेताओ को भी नजरबंद करके रखा हुआ है जिनमे सबसे बड़ा नाम महबूबा मुफ़्ती का है. अब ये सब तो उनके विरोधी कर रहे थे लेकिन अब तो उनके अपने ही उनका साथ छोड़ रहे है.

4 बड़े पीडीपी नेताओं ने छोड़ी पार्टी, एक पीडीपी नेता ने बताया महबूबा को कश्मीर से 370 हटने का जिम्मेदार
अब कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश बन चुका है तो यहाँ कोई ख़ास राजनीति हो पानी संभव नही है. हाल ही में कश्मीर में एक विदेशी दल यहाँ का मुआयना करने आया था जिसे केंद्र सरकार का सपोर्ट था. उनसे मिलने 8 पीडीपी नेता पहुंचे थे जिन पर महबूबा नाराज हुई और उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया. पार्टी को लगा कि अब भी वो लोग वफादार है लेकिन ऐसा नही है उनके पीछे पीछे चार बड़े पीडीपी नेताओं ने भी पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया है.

यही नही पीडीपी से सांसद रह चुके हुसैन बेग ने तो जम्मू कश्मीर में आज की तारीख में जो भी हालत है उसका जिम्मेदार  भी महबूबा मुफ़्ती को बताया है. बेग ने कहा कि महबूबा मुफ़्ती ने इस तरह के बयान दिए कि यहाँ तिरंगे को कंधा देने वाला कोई नही मिलेगा. इन सभी के कारण आज जम्मू कश्मीर का दर्जा कम करके इसे केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया है. बेग काफी ज्यादा नाराज और सख्त दिखे.

अब जब सत्ता हाथ से निकल गयी है, कश्मीर हाथ से जा चुका है और लोगो का सपोर्ट तो बचा ही नही है. ऐसी स्थिति में पीडीपी के नेता आपस में ही भिड रहे है और नेशनल कांफ्रेस का तो कोई अता पता ही नही है मानो उन्होंने तो पहले ही अपने हाथ खड़े कर दिए है.