चुनावों से पहले आया दिल्ली का बड़ा ओपिनियन पोल, इस पार्टी की बन रही है सरकार

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दिल्ली में चुनावी बिगुल बज चुका है और इस चुनावी बिगुल के बजने के साथ ही साथ में सारी की सारी पार्टियां मैदान में आ चुकी है. क्या बीजेपी क्या कांग्रेस और क्या आप सभी पार्टियों के नेता अब दंगल में उतरने को तैयार है और दिल्ली की सभी विधानसभा सीट्स पर कमर कसी जा रही है. अभी चुनाव और उसके परिणाम को तो एक महीने से भी ज्यादा का वक्त है मगर उससे पहले ही सर्वे और पोल होने लग जाते है. अभी फ़िलहाल तो एक ही बड़े और ऑथेंटिक जीआरपी का सर्वे सामने आया है.

एबीपी का सी वोटर सर्वे पूरा, केजरीवाल की सरकार का दावा
अब मीडिया समूहों के सर्वे शुरू हो रहे है मगर अब तक सबसे ज्यादा एक्यूरेट रिजल्ट देने का इतिहास कही न कही सी वोटर का रहा है और इस बार भी एबीपी न्यूज़ सी वोटर सर्वे के आंकड़े जारी किये गये है जिनके मुताबिक़ दिल्ली में केजरीवाल की वापसी होने जा रही है. इस ओपिनियन पोल में आम आदमी पार्टी को 59 सीट्स, भाजपा को महज 8 सीट मिल रही है जबकि कांग्रेस का खाता भी बड़ी मुश्किल से खुल पा रहा है. दिल्ली में सरकार बनाने के लिए 36 सीटो की जरूरत है जबकि केजरीवाल के पास उससे भी कई ज्यादा है.

ऊँचे कद का क्षेत्रीय नेता न होना है बीजेपी के लिए बड़ा नुकसानदायक भाजपा के लिये सबसे ज्यादा बड़ी परेशानी ये है कि नेशनल लेवल पर तो उनके पास मोदी और शाह जैसे बहुत ही बड़े और ईमानदार चेहरे है लेकिन दिल्ली के राज्य स्तर पर देखे तो एक भी ऐसा नेता नही है जो लोकप्रियता के मामले में केजरीवाल को पटखनी दे रहा हो. एक हर्षवर्धन कही न कही उनके टक्कर में बैठते थे लेकिन अब वो भी केंद्र में जा चुके है.

ऐसे में सी वोटर ही नही बल्कि कई छोटी मोटी सर्वे एजेंसियां भी आम तौर पर केजरीवाल को 50 से ज्यादा ही सीट दे रही है और ये अपने आप में चिंता का विषय है बीजेपी के लिए. हालांकि भाजपा ने रैलियाँ शुरू कर दी है और अभी के महीने का समय है और ये राजनीति है तो यहाँ कुछ भी हो सकता है.