इस नेता को अगला राष्ट्रपति बनाना चाह रही है शिवसेना, मगर भाजपा नही मानेगी

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शिवसेना कभी एक वक्त में अपने सिद्धांतो के लिए लड़ने वाली पार्टी कही जाती थी और चाहे सत्ता मिले या फिर न मिले लेकिन बाल ठाकरे लोगो के दिलो में तो हमेशा ही बसे हुए रहते थे इस बात में किसी को भी शक नही है. मगर अब शिवसेना एनडीए से अलग हो चुकी है और अपनी एक नयी किस्म की विचारधारा सत्ता में रहते हुए बुन रही है जो पिछली शिवसेना से तो बहुत ही ज्यादा अलग है. ऐसे में शिवसेना एक ऐसे व्यक्ति को नए राष्ट्रपति के रूप में देख रही है जिसे उनका चाणक्य भी कहा जाने लगा है.

राउत ने दिया बयान, शरद पवार के नाम पर हो विचार अभी हाल ही में शिवसेना के काफी बड़े नेता संजय राउत ने बयान देते हुए कहा है कि 2022 में होने वाले अगले राष्ट्रपति के चुनावों के लिये राजनीतिक दलों को एनसीपी प्रमुख शरद पवार के नाम पर विचार करना चाहिए. राउत ने ये भी कहा कि अगर हम पवार को राष्ट्रपति बनाना चाहते है तो उस वक्त हमारे पास में पर्याप्त संख्या बल भी मौजूद होना ही चाहिये.

अब शिवसेना शरद पवार को राष्ट्रपति पद के लिए क्यों भेजना चाहती है इसमें भी कई सारी बाते समझी जा सकती है. पहला तो ये हो सकता है कि शिवसेना खुदको शरद पवार के प्रति एहसानमंद मानती हो क्योंकि उनकी वजह से उद्धव ठाकरे आज मुख्यमंत्री बन पाए है और दूसरा ये भी हो सकता है कि शरद पवार को वो महाराष्ट्र की राजनीति से दूर भेजना चाह रहे हो ताकि गठबंधन में फिर अकेले ठाकरे परिवार का ही दबदबा चले क्योंकि उद्धव ठाकरे को फ़िलहाल शरद पवार के अलावा तो महाराष्ट्र में और कोई भी चेलेंज करने की स्थिति में इस गठबंधन में नजर नही आता है.

हालांकि बीजेपी इस बात पर कभी भी राजी नही होगी कि शरद पवार को राष्ट्रपति बना दिया जाए क्योंकि पवार ही वो व्यक्ति है जिन्होंने न सिर्फ शिवसेना को कांग्रेस संग मिलाकर बीजेपी को राज्य की सत्ता से बेदखल किया है बल्कि केंद्र में भी वो भाजपा के लिए लम्बे समय से एक चुनौती ही रहे है.