भारतीय राजनीति के दिग्गज नेता का निधन, अटल बिहारी के थे बेहद करीबी

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इन दिनों में भारतीय राजनीति ने कई बड़े बड़े नेताओं का जाना देखा है जिनकी कमी हमेशा खलती ही रहेगी. वो चाहे सुषमा स्वराज हो, अरुण जेटली जी हो या फिर शीला दीक्षित हो सभी काफी बड़े और जाने माने चेहरे थे इस बात में कोई भी शक नही है. एक नेता का यूँ चले जाना जनता को अकेला सा कर ही देता है और ऐसे ही एक नेता का हाल ही में निधन हो गया जो भारतीय राजनीति के शुरूआती दौर से ही इस दुनिया में थे और उन्होंने एक अच्छी पारी भी खेली थी.

अटल जी के करीबी कमल सिंह का निधन, देश के पहले सदन के लोकसभा सदस्य थे
हम बात कर रहे है डुमराव गाँव के अंतिम महाराज कमल सिंह की जो पहली लोकसभा में चुने गये थे आर वो अंतिम जीवित व्यक्ति थे जिन्हें उस लोकसभा में चुना गया था. उनके साथ के सभी सदस्य स्वर्ग सिधार चुके है और अब वो भी 93 वर्ष की उम्र में देह त्याग करके चले गये. उनके बेटे चन्द्रविजय सिंह ने इस बारे में जानकारी दी और बताया कि उनके पिता जी ने शरीर त्याग दिया है और उनके शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है.

कमल सिंह अटल जी की राजनीति से बेहद ही प्रभावित थे और इस वजह से जब जनसंघ का निर्माण हुआ था तब वो जनसंघ से जुड गये थे और उन्होंने अटल जी के साथ रहकर के राजनीति में काम किया. कुछ साल तो ऐसे भी बीते जब वो अटल जी के बेहद ही ख़ास लोगो में से एक गिने जाने लगे थे. हालांकि उनका नाम सिर्फ राजनीति में ही नही बल्कि समाज के लिये भी खूब याद किया जाता है.

उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रगति हेतु खूब संसाधन दान में दे दिये. अब वो बक्सर में टीबी का अस्पताल हो, आरा स्थित महाराजा कॉलेज हो या फिर ऐसी दर्जनों समाज के काम आने वाली सरकारी बिल्डिंग्स हो सब उन्ही की ही देन है जिसके चले आज लोग उन्हें याद कर रहे है.