CAA पर विरोध के कारण कांग्रेस के चार बड़े नेताओं ने दिया इस्तीफा

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इन दिनों देश में बहुत ही बड़ी बहस छिड़ी हुई है और क्यों छिड़ी है ये भी हम जानते है. हाल ही में सरकार बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण क़ानून पास किया है जिसे हम लोग नागरिकता संशोधन के नाम से जान रहे है. ये पडोसी देशो के अल्पसंख्यको को मदद करने के लिए बना है लेकिन विरोधी पार्टियां इससे खुश नही है और कांग्रेस ने तो देश भर में हुडदंग मचा रखा है जिससे तंग आकर के कांग्रेस के ही अपने नेता पार्टी छोड़ने लगे है और ये इस पार्टी के लिए कोई अच्छी बात तो नही है क्योंकि कांग्रेस पहले से ही डूबती नैया बन रही है.

चार बड़े नेताओं का इस्तीफा, कहा हम करते है सीएए का समर्थन
जहाँ एक तरफ कांग्रेस का हाईकमान लगातार इस क़ानून के खिलाफ बोल रहा है वही दूसरी तरफ उनकी ही पार्टी के गोवा के चार बड़े दिग्गजों ने एक साथ पार्टी को इसी बात पर अलविदा कह दिया. इन चार नेताओं के नाम प्रसाद अमोनकर, जावेद शेख, दिनेश कुबल और शिवराज तारकर है. ये तीनो ही कांग्रेस गोवा में बहुत ही ऊँचे पदों पर थे कोई प्रकोष्ठ प्रमुख तो कोई सचिव.

कान्ग्रेस के अन्दर बार बार उठ रही ये बगावते कही न कही इस बात का संकेत है कि सामान्य नेता से लेकर वरिष्ठ लोग भी वर्तमान के हाई कमान की नीतियों से बिलकुल भी संतुष्ट नही है और न ही उन्हें अपना लीडर मान रहे है. पहले राफेल के मसले पर, फिर 370 पर और अब सीएए के मूद्दे पर दर्जनों की संख्या में वरिष्ठ और बड़े नेता पार्टी छोड़ रहे है जिससे कांग्रेस की संगठन शक्ति पहले की तुलना में बढ़ने की बजाय घट ही रही है और राहुल गांधी की लोग सुनते रहेंगे तो ऐसा होना ही है इसमें कोई शक नही है.

खैर इन दिनों ये सारे विरोध प्रदर्शन धीमे पड चुके है और लोग इस मामले में शान्ति बरत रहे है क्योंकि धीरे धीरे लोगो को समझ आने लगा है कि ये कानून उनके लिए है ही नही तो फिर ये सब करने का कोई फायदा ही नही है.