शिवसेना में फिर जगा मोदी प्रेम, पीएम मोदी की तारीफ़ की और राहुल के बारे में कही ऐसी बाते

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शिवसेना वो दल है जो अभी कुछ समय पहले ही भारतीय जनता पार्टी से अलग हुआ है और दोनों के अलग होने का कारण कोई वैचारिक मतभेद नही था बल्कि सत्ता के लिए शिवसेना बीजेपी से न सिर्फ अलग हुई बल्कि कांग्रेस से भी जा मिली और ये अपने आप में कई लोगो को हैरान अभी तक कर रहा है. खैर शिवसेना के साथ में ऐसा होने पर उम्मीद लोगो को थी कि उन्हें अपनी गलती का एहसास होगा और लगता है अंतर्मन में कही न कही गहराईयो में ये नजर भी आने लगा है क्योंकि सामना का मुखपत्र में तो यही दिखता है.

केंद्र में मोदी का कोई विकल्प नही, राहुल को बताया फेल नेता
शिवसेना अपने विचार आम तौर पर मुखपत्र सामना के जरिये ही रखती है और इस बार भी सेना ने ऐसे ही कुछ विचार रखे. उन्होंने ये कहा कि शासको को समझने की जरूरत है कि जनता में संतोष क्यों है? फिर उस पर काम करे मगर साथ ही साथ में सामना में ये बात भी खुले तौर पर कही गयी प्रधानमंत्री मोदी का कोई विकल्प नही है इसलिए देश की जनता ने नरेंद्र मोदी को दुबारा से पीएम चुना.

राहुल गांधी की हमेशा की तरह खिंचाई करते हुए शिवसेना ने ये तक कह दिया कि उन्हें जनता ने स्वीकार ही नही किया है. इन विरोधियो में न तो कोई एकजुटता है और न ही कोई सर्वमान्य नेता है सब अपने अपने में ही बड़े है. अब उसका परिणाम ये है कि कांग्रेस को चुनावों में 60 सीट तक हासिल नही हो पायी. शिवसेना ने तो ये तक कहा कि राहुल के संभाल न पाने के कारण उनकी माँ सोनिया गांधी को दुबारा कांग्रेस की कमान हाथ में लेनी पड़ी.

अब जिस तरह से शिवसेना के रिएक्शन आ रहे है और उनकी लेखनी फिर से धारधार तरीके से कांग्रेस पर ही कटाक्ष कर रही है उससे मालूम चलता है कि सत्ता तो ठाकरे को मिल गयी है लेकिन सुकून खो गया है और ये सुकून तो सिर्फ राष्ट्रवाद में ही है.