आज अजित पवार ने जो किया, उसके बाद बीजेपी ठगा हुआ महसूस कर रही है

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महाराष्ट्र की राजनीति में वैसे तो कई बड़े बड़े नाम है और लोग ठाकरे फडनवीस से नीचे तो देखते ही नही है मगर हाल ही में जो हुआ है उसने सभी को एक व्यक्ति पर केन्द्रित किया है जो है अजित पवार. अजित पवार वही व्यक्ति है जिन्होंने महाराष्ट्र में राजनीति के शतरंज में बाजियों को तितर बितर कर दिया था. रातो रात न जाने किस भरोसे वो फडनवीस के पास पहुंचे थे और उन्हें समर्थन देकर के सरकार बनवाई खुद उपमुख्यमंत्री भी बने. मगर ही घंटो के बाद उन्होने समर्थन वापिस खींच लिया और फिर शरद पवार के खेमे में चले गये.

जिन उद्धव ठाकरे को छोडकर गये थे उन्ही की सरकार में फिर से उपमुख्यमंत्री बने
आज उद्धव ठाकरे अपने मंत्रीमंडल का विस्तार किया जिसमे सबसे अधिक खास नाम नजर आया अजित पवार का. अजित पवार को फिर से महाराष्ट्र का उपमुख्यमंत्री बनाया गया है. उन्होंने इस पद को स्वीकार भी कर लिया. अब इसके बाद में परसेप्शन तो यही बनेगा कि अजित किसी के भी साथ सरकार बना लेंगे बस उन्हें उनकी पसंद का पद मिला चाहिये और यूँ कहिये कि शरद पंवार की कृपा से उन्हें वो पद मिल भी गया है और अब वो एक बार फिर से महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री बन चुके है.

ठगी ठगी महसूस कर रही भाजपा
अभी फिलहाल में जो कुछ भी हुआ है उसके बाद में बीजेपी और और ख़ास तौर पर फडनवीस काफी ज्यादा ठगा हुआ सा महसूस कर रहे है क्योंकि इन्ही अजित पवार ने कभी ठाकरे का साथ कुछ दिन पहले ये कहकर के छोड़ा था कि ये स्थिर सरकार नही दे सकते है और बीजेपी सरकार में डिप्टी सीएम बन गये और अब जब बीजेपी वाले मामले में काम नही बना तो फिर उन्होंने दुबारा से उन्हें ही ज्वाइन कर लिया और वही पोस्ट भी हासिल कर ली. कुल मिलाकर के उनका मकसद सिर्फ उपमुख्यमत्री बनना था जो वो बन ही गये.

खैर जो भी है इस तरह की चीजे अक्सर ही भारतीय राजनीति में देखी जाती रही है और ये काफी ज्यादा चिंताजनक भी है क्योंकि जब अपनें स्वार्थ चरम पर होते है तब जनता के फायदे गौण हो जाते है और ऐसा ही कुछ महाराष्ट्र में भी नजर आता है.