जेल से बाहर आने के बाद चिदम्बरम ने किया सेना का अपमान, दिया शर्मनाक बयान

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देश के पूर्व वित्त मंत्री पी चिदम्बरम पिछले काफी समय से जेल में थे और अब कुछ दिन पहले ही वो जेल से बाहर निकले है और उनके साथ में क्या कुछ हुआ है ये बात तो हम सभी लोग जानते ही है मगर हाल ही में वो जेल से जमानत पर छूटकर के आये है और जब वो बाहर आये तो उस समय अपेक्षा थी कि वो अब अपनी जिन्दगी काफी शांत तरीके से ही काटना पसंद करेंगे लेकिन शायद ऐसा नही है क्योंकि चिदम्बरम के हाल ही में आये बयान को देखकर के तो ऐसा बिलकुल भी नही लगता है.

सेना का अपमान, प्रमुख से कहा अपने काम से काम रखो
पी चिदम्बरम लोगो को संबोधित कर रहे थे तब उन्होंने थल सेना के प्रमुख को टार्गेट करते हुए बयान दिया ‘डीजीपी और आर्मी जनरल को सरकार के समर्थन के लिए कहा जा रहा है जो बेहद ही शर्म की बात है. जनरल से अपील है कि आप सेना के प्रमुख है और इस पद की गरिमा को बनाये रखिये. ये सेना का काम नही है कि नेताओं को बताये कि हमें क्या करना चाहिए, क्योंकि हम भी सेना को नही बताते है कि युद्ध कैसे करना चाहिए?’

जनरल रावत ने साधा था छात्रो को भड़काने वालो पर निशाना जनरल रावत ने कुछ समय पहले मीडिया से बात करते हुए कहा था कि वो लोग लीडर नही हो सकते है जो पढने वाले छात्रो को गलत रास्ते पर ले जाते है और उन्हें तोड़फोड़ वगेरह करना सिखाते है. उन्हें लीडर माना ही नही जा सकता है. रावत के इस बयान पर विपक्ष उन्हें लगातार घेरने में लगा हुआ है और तमाम तरह की बाते कर रहा है कई तरह से उन्हें ताने भी दे रहा है.

हालांकि न सिर्फ सेना के जनरल बल्कि बाकी भी कई अधिकार ये बात कह चुके है कि भारतीय सेना हमेशा से ही एक अनुशासित और गैर राजनीतिक संगठन रहा है और आगे भी रहेगा. हाँ देश में अगर कुछ ऐसा हो रहा है जिससे आंतरिक सुरक्षा को खतरा है तो जनरल को बोलना बनता भी है क्योंकि बादमे मामला संभालना भी सेना को ही पड़ता है.