जनगणना में अपना फर्जी नाम और पता देने के लिये उकसा रही है अरुंधती रॉय, ताकि मोदी सरकार हो जाये फेल

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इन दिनों में देश भर में दो तरह के लोग बन गये है एक तो वो जो देश की प्रगति में सरकार के साथ हर पल खड़े नजर आ रहे है और दूसरी तरफ वो लोग है जो कही से भी सरकार को कामयाब नही होने देना चाह रहे है ताकि वो अपने एजेंडे में कामयाब हो सके और ऐसा ही काम जेएनयू और जामिया जैसे यूनिवर्सिटीज से निकले हुए स्वघोषित बुद्धिजीवी भी कर रहे है और इनका काम दिन ब दिन बढ़ता ही चला जा रहा है जैसा अभी हाल ही में अरुंधती रॉय ने भी करने की कोशिश की है.

अपना नाम रंगा बिल्ला बता देना, पते में 7 रेस कोर्स रोड लिखवा देना
अरुंधती रॉय पर पहले से भी कई संगीन केस चल रहे है लेकिन इसके बावजूद ये महिला सुधरने का नाम नही ले रही है. हाल ही में अरुंधती रॉय ने फिर से ऐसी ही हरकत की है. वो लोग से पब्लिक स्टेज पर खड़े होकर के बात कर रही थी तो एनपीआर के बारे में बात करते हुए लोगो को भड़काने लगी. एनपीआर को सीधे शब्दों में कहे तो ये भी जनगणना ही है जिसमे सरकार डाटाबेस तैयार करती है ताकि योजनाओं को ठीक तरीके से लागू किया जा सके.

अरुंधती रॉय लोगो को इसे उनके खिलाफ बताते हुए कहती है कि जब सरकारी कर्मचारी आपसे अपना नाम और पता वगेरह पूछने आये तो उन्हें बिलकुल गलत और फर्जी जानकारी दे दो. नाम पूछे तो उन्हें कुंग फू या रंगा बिल्ला बता देना. पता पूछे तो सेवन रेस कोर्स रोड दे दो. मोबाइल नम्बर मांगेंगे तो हम सभी एक ही नम्बर दे देंगे जो सोचना पड़ेगा. अरुंधती रॉय इस तरह से गरीब लोगो को फंसाने का प्रयास कर रही है.

वो भी ऐसी स्थिति में जब लोगो को ये पता नही है कि सरकार को अपनी तरफ से गलत जानकारी देने पर वो कही किसी कानूनी मुसीबत में तो नही फंस जायेंगे? मगर ये अरबन नकसल लोग इस बात को भला कब से सोचने लग गये? इन्हें तो बस अपना उल्लू सीधा करने से मतलब है.