NRC से पहले मोदी सरकार लाने वाली है NPR, जानिये क्या होगा इसमें?

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फिलहाल के दिनों में देश में एक तरह का पेनिक सिचुएशन बनी है और इसकी वजह कही न कही एनआरसी को माना जा रहा था मगर आपको ये जानकारी होनी चाहिए कि एनआरसी लागू होना तो अभी दूर की बात है, अभी तो सरकार ने एनआरसी का कोई ड्राफ्ट तक तैयार नही किया गया है तो फ़िलहाल के लिए लोग राहत की सांस जरुर ले सकते है मगर फ़िलहाल की बात अगर हम लोग करे तो मोदी सरकार एनआरसी से पहले एनपीआर लेकर के आ रही है. इसका मकसद भी लोगो के आंकड़े जुटाना है मगर आपको घबराना नही है क्योंकि हम आपको इससे जुडी सारी जानकारी दे रहे है.

सामान्य तरह की जनगणना है एनपीआर, जिसे लेकर राष्ट्रीय स्तर तक का डाटाबेस तैयार होगा
एनपीआर का पूरा नाम है नेशनल पोपुलेशन रजिस्टर. ये अप्रेल 2020 से शुरू होगा और फरवरी 2021 तक पूरा हो जाने वाला प्रोग्राम है जिसमे राज्य के कर्मचारी लोगो के घर घर जाकर के लोगो के परिवार की और सदस्यों की जानकारी इकठ्ठा करेंगे. ऐसा करके देश में लोगो की जनसँख्या का कुल अनुमान लगाया जाएगा और साथ ही साथ में में जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर के डाटाबेस तैयार किये जायेंगे.

इसकी मदद से देश की जनसंख्या मालूम होगी, उनके लिए योजनाये सही तरीके से बना सकेंगे, उन्हें लागू कर पायेंगे और केंद्र की नीतियाँ भी बेहद प्रभावी ढंग से लागू हो सकेगी. अब सवाल ये है कि क्या इसमें आपको किसी तरह की चिंता करने की जरूरत है? तो बिलकुल भी नही क्योंकि यहाँ पर आपसे किसी भी तरह के कागजात नही मांगे जायेंगे बल्कि एक सरकारी कर्मचारी आयेगा और आपसे आपकी जानकारी मांगेगा जो आपको देनी है और ये सब सेल्फ डिक्लेयरेशन पर है न कि किसी कागज पर आधारित होने वाला है.

इसलिए सरकार ने भी साफ़ किया है कि एनपीआर से किसी को भी घबराना नही है और न ही टेंशन लेने की जरूरत है. हाँ एनआरसी का ड्राफ्ट जब आएगा अब चाहे अगले साल आये या पांच साल बाद आये लेकिन जब भी आएगा तब पहले जनता देख ही लेगी.