नागरिकता क़ानून सफल होने के बाद अब मोदी ने डोभाल को इस नये काम पर लगा दिया है

299

देश में इन दिनों में नए नए किस्म के नियम और कानूनों की तो बाढ़ ही आ रखी है और जब ये आती है तब हम सभी लोग जानते ही है कि क्या कुछ हो जाता है और हालत कैसी होती है? देश में आखिर प्रतिरोध करने वाले लोग भी तो कम नही है. ये प्रतिरोध समय के साथ बढ़ता चला गया जब नागरिकता संशोधन क़ानून लागू हुआ. हालांकि इसे मोदी सरकार ने कण्ट्रोल कर लिया लेकिन अब उनकी नजर किसी और  तरफ चली गयी है और उसका मोर्चा मोदी और शाह ने अजित डोभाल के हाथ में दे दिया है.

चीन के साथ सीमा विवाद सुलझाने में लगे डोभाल, एशिया में होगी शान्ति बहाल
भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी बेन के साथ में एक उच्च स्तरीय मीटिंग की है जो काफी लम्बी चली. इसमें दोनों देशो के उच्च स्तरीय अधिकारी भी शामिल हुए जिसका मकसद भारत और चीन के बीच अच्छे सम्बन्ध बनाना और दोनों देशो के बीच में बढ़ रहे सीमा के विवाद को सुलझाना है. डोभाल इस मामले में कही न कही कामयाब होते हुए दिखाई भी दे रहे है.

अंतर्राष्ट्रीय माहौल का फायदा उठा रहा है भारत
चीन इन दिनों में दुनिया में अलग थलग पड़ चुका है. अमेरिका ने चीन पर कई प्रतिबन्ध थोप दिए है और होन्ग कोंग में जोरदार विद्रोह देखने को मिला है जिससे चीन का व्यापार और अर्थव्यवस्था डगमगाने लगी है और ऐसे में चीन के लिए भारत का साथ होना जरूरी है क्योंकि अब भारत ही एक एशियाई बाजार है जिससे चीन अच्छी कमाई कर पा रहा है. इसी के चलते चीन अब टेबल पर आकर के बात कर रहा है.

इस तरह की विदेश नीति जो डोभाल के हाथो में सौंपी गयी है वो काफी ज्यादा निर्णायक साबित हो सकती है और कही न कही ये मोदी सरकार द्वारा खेले गये अब तक के सबसे बड़े मास्टरस्ट्रोक में से एक होगा क्योंकि चीन के साथ में कई दशको से अरुणाचल से लगी सीमा का विवाद सुलझ नही पाया है.