मोदी का विरोध कर रही थी ममता, हाईकोर्ट ने दिया तगड़ा झटका

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ममता बनर्जी लगातार पश्चिम बंगाल में नागरिकता संशोधन क़ानून के विरोध में खड़ी हो रखी है. वो कभी मंचपर खड़ी होकर के सरकार को ललकारती है तो कभी यूपी में अपने सांसदों को भेजकर के माहौल बिगाड़ने की भी कोशिश करती है लेकिन ये सब उलटी सीधी हरकते भला चलकर के भी कब तक चल पाती? ये बात हम लोग भी जानते है और ऐसा ही कुछ अब यहाँ भी हुआ जब ममता बनर्जी पैसे का इस्तेमाल मोदी का विरोध करने के लिए कर रही थी.

ममता ने लगवाये थे जगह जगह पर CAA के विरोध में विज्ञापन, हाईकोर्ट ने हटाने का आर्डर दिया
नागरिकता संशोधन क़ानून का विरोध करने के लिए ममता बनर्जी ने जगह जगह पर विज्ञापन लगवा दिए कि इसे बंगाल में नही लायेंगे वगेरह वगैरह और इसके खिलाफ हाईकोर्ट में एक दो नही बल्कि पूरी छह याचिकाये चली गयी जिस पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने ममता बनर्जी को आदेश दिया है कि वो सीएए के खिलाफ लगाये हुए अपने सारे विज्ञापन चाहे वो वेबसाईट पर हो या कही पर भी हो उन्हें हटा ले और तुरंत हटा ले. ममता बनर्जी के लिए ये बहुत ही बड़ा झटका है.

ममता बनर्जी को अब वो सारे विज्ञापन हटाने पड़ेंगे जो उन्होंने मोदी और शाह के खिलाफ खड़े होने के लिये लगाये थे और ऐसा ममता बनर्जी के साथ पहली बार नही हो रहा है जब मुख्यमंत्री होते हुए भी हाई कोर्ट उनके किये हुए कामो से नाखुश रहा है. ममता का लॉ एंड आर्डर मेंटेन न कर पाना, टीएमसी कार्यकर्ताओं की गुंडागिरी, हिन्दू त्यौहारों के प्रति गलत रवैया और तमाम बाते है जिन पर हाई कोर्ट ने तीखी टिप्पणी देते हुए ममता सरकार के खिलाफ में फैसले दिए है और ये अपने आप में देश की न्याय प्रणाली की ताकत को दिखाता है.

हालांकि इतना सब कुछ होने के बाद भी ममता बनर्जी इस बात को समझने को तैयार नही है कि वो जो कुछ भी कर रही है या फिर करने की कोशिश भी करती है वो संविधान के दायरे से बाहर निकल जाता है जो लोकतांत्रिक व्यवस्था में मान्य नही है.