ममता बनर्जी को मोदी सरकार ने ऐसा हडकाया, दुबककर बैठ गयी ममता और फिर..

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ममता बनर्जी इन दिनों पश्चिम बंगाल में अपनी राजनीति की जमीन बचाने में जुटी हुई है क्योंकि जिस तरह की स्थिति बंगाल में इन दिनों में बनी हुई है उससे सभी लोग बखूबी वाकिफ ही है और ये हैरान करने वाला भी है क्योंकि कभी बंगाल की सर्वेसर्वा कही जाने वाली ममता आज सडको पर घूमने को मजबूर है मगर इन दिनों विवादों में भी है. दरअसल ममता बनर्जी ने एनआरसी और सीएए के विरोध में न सिर्फ तख्ती उठायी थी बल्कि इसमें इंटरनेशनल दखल की मांग तक कर डाली थी.

ममता ने की थी यूएन से रेफरेंडम की मांग, विदेश मंत्रालय से पड़ी लताड़
ममता बनर्जी ने एक रैली को संबोधित करते हुए कहा था कि अगर ये क़ानून इतना ही अच्छा है तो वो यूएन से एक रेफरेंडम करवा ले और अगर इसमें बीजेपी हार गयी तो सरकार को इस्तीफा दे देना चाहिए. इस पर न सिर्फ लोगो ने ममता की सोशल मीडिया पर आलोचना की बल्कि विदेश मंत्रालय ने भी उन्हें जमकर के लताड़ लगायी और कहा कि ये भारत का आंतरिक मामला है. ममता बनर्जी को सरकार की तरफ से सोच समझकर के बोलने की नसीहत दी गयी.

अब ममता बात से पलट गयी, मेरी बात को गलत तरीके से पेश किया गया
ममता बनर्जी ने इसके बाद में अपने शब्दों से साफ़ तौर पर मुकरते हुए कहा कि मैंने सिर्फ और सिर्फ ओपिनियन पोल के लिए कहा था. बीजेपी की मीडिया और मशीनरी मेरे खिलाफ झूठ फैला रही है. ममता जिस तरह से अपनी बात से मुकर गयी है और अब चुप चाप बैठ गयी है वो तमाशा तो देखने लायक था.

इतना सब कुछ होने के बाद में सोशल मीडिया पर लोग ममता बनर्जी को सलाह दे रहे है कि अगर पहले से मालूम था कि गलत बयान दे रही हो और बाद में फजीहत हो सकती है तो फिर पहले ही सोच समझकर के बोलना चाहिये था वरना बाद में इधर उधर करने जैसी नौबत आती है जो आपकी ही बेज्जती करवाती है.