ममता बनर्जी ने दिया NRC पर देशविरोधी बयान, विदेश मंत्रालय ने लगायी लताड़

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ममता बनर्जी इन दिनों काफी ज्यादा तैश में है और इसके पीछे कारण भी है. दरअसल भारत सरकार ने सीएडी बिल पास कर दिया है और अब संभावना है कि जल्द ही एनआरसी का ड्राफ्ट भी आ जाएगा हालांकि इस पर कोई भी ऑफिसियल घोषणा नही है मगर अब विपक्ष को मुद्दा और मौका दोनों मिल गये है तो मुस्लिमो में अफवाह फैलाकर के देश भर में विरोध प्रदर्शन किये जा रहे है. ममता बनर्जी भी सडको पर उतरी लेकिन बयान ऐसा दिया कि विदेश मंत्रालय को हस्तक्षेप करना पड़ा.

ममता ने की संयुक्त राष्ट्र से भारत में जनमत संग्रह कराने की मांग, देश की संप्रभुता को लगायी ठोकर
ममता बनर्जी ने एक सभा को संबोधित करते हुए ये तक कह दिया कि नागरिकता बिल और एनआरसी पर भारत में एक जनमत संग्रह कराया जाना चाहिए और अगर वो इसमें हार जाते है तो फिर उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए. ममता बनर्जी के इस बयान पर लोग कह रहे है कि अब क्या वोसंयुक्त राष्ट्र को देश की सरकार से संसद से ऊपर मानने लग गयी है? देश की संसद की इज्जत को दुनिया भर में पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने इस तरह से उछाला है.

विदेश मंत्रालय ने लताड़ा, ये सब हमारा आन्तरिक मामला है
ममता बनर्जी के बयानों से भारत की छवि खराब हो रही थी और इस पर डेमेज कण्ट्रोल करते हुए विदेश मंत्रालय ने कहा कि नागरिकता भारत का आंतरिक मामला है, इस पर किसी भी विदेशी एजेंसी को दखल देने का अधिकार नही है. कुल मिलाकर के विदेश मंत्रालय ने ममता बनर्जी को ऐसी अनर्गल और देशविरोधी बयानबाजी से बचने की सलाह दी है जो वो हमेशा से ही देती आयी है.

ममता बनर्जी की राजनीति भाजपा के आने से पहले लेफ्ट के विरोध पर और अब भाजपा की हर नीति और हर फैसले के विरोध पर टिकी हुई है और इस वजह से वो बंगाल में अपनी बची कुची जमीन भी खो रही है और बीजेपी बंगाल में सबसे बड़ी पार्टी बनकर के उभर रही है.