गांधी के पड़पोते ने सावरकर के खिलाफ दिया घटिया बयान, निकाली पूरी भड़ास

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वीर सावरकर भारत की राजनीति में वो नाम है जो कही न कही हमेशा से ही कांग्रेस और लेफ्ट पार्टियों के द्वारा इस्तेमाल किया जाता रहा है किसी को बदनाम करके अपने आपको ज्यादा उच्च दिखाने के लिये. कांग्रेस के हाईकमान से जुड़े हुए लोग तो लगातार सावरकर को गलत शब्द कहते ही रहे है लेकिन अब इसमें कही न कही महात्मा गांधी की पीढ़ी के लोग भी शामिल हो गये है और ऐसे बयान दे रहे है जैसा शायद गांधी बोलने से पहले भी सैकड़ो बार सोचते होंगे.

तुषार गांधी ने बताया सावरकर को माफीनामा का लेखक, नही मानता आजादी का सिपाही
अभी हाल ही में सावरकर को लेकर के बढ़ रहे बयानबाजी में शामिल होते हुए तुषार गांधी ने कहा कि सावरकर को आजादी का सिपाही माना ही नही जा सकता है, वो तो माफीनामा के लेखक थे. तुषार गांधी ने सावरकर का अपमान जिस हद तक वो कर सकते थे उन्होंने करने की भरपूर कोशिश की ताकि अपनी राजनीतिक दृष्टि को संतुष्ट किया जा सके. गांधी कभी भी किसी पर इस तरह की टीका टिपण्णी नही करते थे लेकिन उनके पोते उनकी बात को ठेंगा दिखाकर के आगे बढ़ चले है.

आपको बता दे सावरकर को लेकर के भारत की राजनीति में इन दिनों में अच्छा खासा द्वन्द छिड़ा हुआ है. राहुल गांधी खुली सभा मे कह रहे है कि मैं सावरकर नही हूँ, मैं माफ़ी नही मांगूंगा तो इसका जवाब देते हुए बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि वो राहुल सावरकर हो ही नही सकते है क्योंकि वो तो देश भक्त थे जबकि वो तो राहुल जिन्ना जरुर हो सकते है. राहुल ने इन सबके बीच में अपने सरनेम का अच्छा खासा मखौल जरुर बनवा दिया है.

खैर जो भी है अभी तो लगता है ये सब चीजे काफी लम्बे समय तक चलने वाली है क्योंकि जिस तरह से राहुल गांधी और बीजेपी के बीच में द्वन्द चल रहा है और बीजेपी तो सावरकर को भारत रत्न देने तक की बात कर रही है जिसे कांग्रेस पचा नही पा रही है.