अगर ये दो लोग नही होते तो अमित शाह कभी नागरिकता संशोधन बिल पास नही करवा पाते

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देश ने हाल ही में एक बहुत ही बड़ा और ऐतिहासिक दिन देखा है. नागरिकता संशोधन बिल बड़ी ही मेहनत के बाद में भाजपा की सरकार ने लागू करवा ही दिया जो अपने आप में बड़ी बात भी है क्योंकि ये उतना भी ज्यादा आसान तो नही था. बीजेपी के पास में लोकसभा में काफी अच्च्छा बहुमत था और वहाँ पर तो उनकी सरकार को कोई दिक्कत ही नही आनी थी मगर सबसे ज्यादा परेशानी थी राज्यसभा में और यहाँ पर बीजेपी को दो दुसरी पार्टियों के बड़े लोगो का साथ मिला जिसकी कही न कही जरूरत भी थी.

नीतीश कुमार और नवीन पटनायक नें दिया राज्यसभा में दिया बीजेपी का साथ, और भी छोटे दल आये साथ
भाजपा के पास में राज्यसभा में सिर्फ 83 सांसद है जो कि बहुमत के लिये पर्याप्त ही है. अब कांग्रेस को तो सिर्फ और सिर्फ मौक़ा  चाहिए कि वो बीजेपी के विधेयक को गिरा दे लेकिन इन दोनों ने ऐसा होने नही दिया. बीजेपी को राज्य सभा में जेडीयू और बीजेडी के अलावा अकाली दल जैसे कई छोटे मोटे दलों ने भी समर्थन दिया जिसके चलते बीजेपी के इस बिल का आंकड़ा 117 वोट तक जा पहुंचा और ये बिल पास हो गया.

वही जो इस तरह के मुद्दों पर सबसे ज्यादा हवा बनाती थी यानी शिवसेना ने तो इस मुद्दे पर राज्यसभा से वाक आउट ही कर दिया क्योंकि उसे महाराष्ट्र में सत्ता चली जाने का डर जो सता रहा था. इस तरह की बाते हुई है इन दिनों संसद में जो बीजेपी को उनका कोर एजेंडा पूरा करने में भरपूर सहयोग कर रही है और इससे बीजेपी भी इन दिनों पर काफी ज्यादा खुश नजर आ रही है.

खैर जो भी है प्रधानमंत्री मोदी ने भी इस बिल के पास हो जाने पर ख़ुशी जाहिर की है और इसे लोकतंत्र के इतिहास का सुनहरा दिन बताया है. जब जब इक्कीसवी सदी का भारत का इतिहास लिखा जाएगा तब तब मोदी और शाह का नाम जरुर आयेगा.