मोदी सरकार के लिये आयी बुरी खबर, जल्दी संभालना होगा मामला

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पिछले लम्बे समय से मोदी सरकार को अगर सामरिक, राजनैतिक या फिर किसी भी और मोर्चे पर देखे तो सरकार काफी हद तक सफल ही रही है क्योंकि बीजेपी के पास में इन दिनों सबसे बेहतरीन लीडरशिप है और कहा जाता है कि मोदी और शाह की जोड़ी जब तक है तब तक ये पूर्ण रूप से अजेय है यानी किसी भी पार्टी के पास इन्हें चुनाव में परास्त करने की ताकत तो बिलकुल भी नही है. मगर बात करे आर्थिक मोर्चे की तो यहाँ पर काफी चिंता की विषय है और देश के लिये ख़तरा दिन ब दिन बढ़ता चला जा रहा है.

कंज्यूमर कांफिडेंस इंडेक्स पिछले 6 सालो में सबसे निचले स्तर पर, लोग खरीदारी नही कर रहे
ये डाटा खुद रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने जारी किया है जिसके अनुसार अब देश का कंज्यूमर कांफिडेंस इंडेक्स मोदी सरकार के सबसे निचले स्तर 85.7 अंक पर जा पहुंचा है. आपको बता दे ये इंडेक्स बताता है कि लोग बाजार में जाकर या फिर कुछ भी किसी भी चीज की कितनी खरीदारी कर रहे है? इस इंडेक्स के गिरने का मतलब है कि लोगो द्वारा की जाने वाली खरीदारी में गिरावट आने लगी है और इससे अर्थव्यवस्था की हालत खराब होती है.

इस इंडेक्स को फिर से बहाल करना जरूरी क्यों है?
दरअसल कंज्यूमर कांफिडेंस इंडेक्स बताता है कि किसी भी देश के लोग किस हद तक खरीदारी कर रहे है. जब लोग खरीदारी करते है तभी प्रोडक्शन होता है, सर्विस इंडस्ट्री चलती है, पैसा घूमता है और अर्थव्यवस्था का पहिया घूमता है. लोग जितना ज्यादा कमाएंगे, जितना खर्च करेंगे और जितना पैसा घुमायेंगे उतनी बेहतरीन अर्थव्यवस्था होगी. वही इसके गिरने से पैसा कम फ्लो में आ जाता है और लोगो में गरीबी आने लगती है.

ऐसे में वित्त मंत्री और प्रधानमंत्री समेत कई केपेबल नेता इस पर टैक्स छूट जैसे कई प्रोग्राम बना रहे है और इन प्रोग्राम्स की मदद से ही फिर से इसमें जान फूंकने की कोशिश की जायेगी. अब इसमें सफल होते है या फिर नही ये तो वक्त ही बता पायेगा.