महाराष्ट्र में बीजेपी की वापसी शुरू, शिवसेना को लगा तगड़ा झटका

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एक बात जो कि हम सभी लोग जानते है और बखूबी जानते है कि महाराष्ट्र में शिवसेना और बीजेपी अलग हो चुके है और सिर्फ अलग ही नही हुए है बल्कि दोनों ही एक दूसरे के धुर विरोधी तक बन चुके है जो पूरी की पूरी सत्ता के मायने ही बदल दे रहा है. ये कही न कही सही भी है क्योंकि जिस तरह से एक दुसरे को धोखा दिया गया और शिवसेना ने सत्ता हासिल कर ली उसके बाद कडवाहट तो आनी ही है मगर चुनावो के कुछ दिनों बाद ही बीजेपी ने अपना नया और बड़ा आगाज कर दिया है.

निजामपुर महानगर पालिका के चुनावों में बीजेपी की जीत, शिवसेना के लिये खतरे की घंटी
निजामपुर में कोणार्क विकास अघाड़ी और बीजेपी ने संयुक्त रूप से महापौर का चुनाव लड़ा था और दूसरी तरफ थे कांग्रेस और शिवसेना. कांग्रेस ने खूब चाले चली लेकिन इसके बावजूद बीजेपी के संयुक्त प्रत्याशी विलास पाटिल ने अच्छे खासे मतों के साथ में जीत हासिल कर ली है. इन जगहो पर शिवसेना की अच्छी चलती थी लेकिन पिछले समय की हरकतों के चलते लोग जो शिवसेना में भी है वो उनके खिलाफ क्रॉस वोटिंग कर रहे है.

कार्यकर्ता और नेता लोग भी छोड़ रहे है पार्टी
जो कभी शिवसेना के अपने लोग हुआ करते थे वो भी ठाकरे परिवार के लालच को देखते हुए उनका साथ छोड़ते चले जा रहे है. कुछ समय पहले रमेश सोलंकी नाम के नेता ने अपना इस्तीफ़ा दिया और इसके बाद लगभग 400 शिवसेना कार्यकर्ताओं ने न सिर्फ शिवसेना को छोड़ा बल्कि भाजपा का दामन थाम भी लिया और इस तरह के झटके अगर उद्धव ठाकरे नजरअंदाज करते रहे तो फिर ये बहुत ही बड़ा और भारी नुकसान लेकर के आ सकता है.

हालांकि अभी भी शिवसेना क्लेम तो यही कर रही है कि उनकी पार्टी पहले की तुलना में अधिक शक्तिशाली हो चुकी है क्योंकि वो अब सत्ता में है जबकि संगठन के तौर पर देखे तो पार्टी की हालत पतली होती जा रही है.