अमित शाह ने हिन्दुओ के लिये वो काम कर दिया, जो बड़े बड़े सम्राट भी नही कर सके

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भारतीय जनता पार्टी की सरकार का ये लगातार दूसरा कार्यकाल है और इस कार्यकाल में कही न कही बीजेपी का सबसे अधिक फोकस अपने कोर एजेंडा को पूरा करने का है जिसके वादे उनकी पार्टी पिछले तीन दशको से करती आ रही है. सब लोग उनके काम से बड़े ही खुश है इस बात में कोई भी शक नही है चाहे वो अनुच्छेद 370 हटाना हो, राम मंदिर पर कार्यप्रणाली में तेजी लाना हो या फिर तीन तलाक का मामला हो लेकिन इस बार यानी आज शाह ने लोकसभा में जो किया है वो संभवतः अपने आप में बहुत ही बड़ा और ऐतिहासिक फैसला कहा जा रहा है.

नागरिकता संशोधन बिल पास, अब पडोसी हिन्दू, बौद्ध और जैनियों को मिलेगी भारत की नागरिकता
पिछले 70 साल के इतिहास में चाहे न हुआ हो लेकिन अब हुआ है. नागरिकता संसोधन बिल लोकसभा से पास हुआ जिसे अमित शाह ने टेबल पर रखा था. अब भारत से बाहर रहने वाला हिन्दू या बौद्ध या चाहे कोई भी अल्पसंख्यक जो बांग्लादेश, पाक या फिर अफगानिस्तान में रह रहा है वो भारत की नागरिकता के लिए आवेदन कर सकेगा. उसे काफी आसानी से भारत की नागरिकता मिल पाएगी.

आजादी के बाद से ही पडोसी देशो में परेशान थे ये लोग
जब से भारत से पाक अलग हुआ है और बांग्लादेश बना है तब से ही इन देशो में हिन्दुओ को बहुत ही ज्यादा परेशान किया जा रहा था और इनकी संख्या भी दिन ब दिन कम होती चली जा रही थी जो अपने आप में चिंता का विषय थी मगर अब ऐसे लोग जिन्हें तंग किया जा रहा है वो अपने घर यानी अपने भारत में आकर के रह सकेंगे.

इस तरह से कही न कही एक बात तो है ही कि शाह ने वो कर दिया जो आज तक नही हो पाया. भारत से बाहर रहने वाले हिन्दू या जैन आदि लोग जो आम तौर पर आपको पाक या बांग्लादेश में ही मिलेंगे उन्हें अपना स्थायी घर मिल गया है. उनके मन में भरोसा रहेगा कि कल को कुछ होगा तो ये देश हमे अपना लेगा.