शाह ने बतायी नागरिकता संसोधन बिल लाने के पीछे की ऐसी वजह, कांग्रेस को संसद में मिर्ची लग गयी

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मोदी सरकार का दूसरा कार्यकाल चल रहा है और ऐसे समय में सरकार लगातार ऐसे ऐसे बिल ला रही है जो कही न कही उनकी विचारधारा को समर्थन देती है और ये हर सरकार में होता है जो हम लोग जानते ही है. पहले मोदी सरकार ने तीन तलाक और अनुच्छेद 370 के सम्बन्ध में बिल पास करवाए और आज ही के दिन ऐतिहासिक नागरिकता संसोधन बिल पेश किया जिसे बहुमत से लोकसभा में पास भी कर दिया गया जिससे पाक, अफगान और बांग्लादेश में रहने वाले अल्पसंख्यक हिन्दू, जैन और इसाईयो आदि को आसानी से भारत की नागरिकता मिल जायेगी जिसका कांग्रेस का विरोध कर रही है.

अमित शाह ने दिया सभी का जवाब, धर्म के आधार पर हुआ था देश का विभाजन इसलिए हमें ऐसा करना पडा
जब विपक्ष ने इस तरह के बिल को मुस्लिमो के खिलाफ बताया तो शाह खुद लोकसभा में खड़े हुए और उन्होंने इस मामले पर जवाब भी दिया है. शाह ने कहा कि ये किसी भी मुस्लिम या फिर भारत में रहने वाले अल्पसंख्यको के अधिकारों के खिलाफ नही है बल्कि ये सिर्फ पड़ोस में रहने वाले प्रताड़ित अल्पसंख्यको को मदद देने के लिए है.

शाह ने इसके बाद में कांग्रेस पर भी जोरदार हमला किया और कहा कि इस देश का धर्म के आधार पर विभाजन कांग्रेस पार्टी ने किया था इसलिये हमें ये बिल लाना पडा, हमने धर्म के आधार पर देश का विभाजन नही किया था. शाह के इतने तीखे बयानों से कांग्रेस के तबके में पूरी तरह से हलचल मच गयी और लोकसभा में कांग्रेस के सांसद चिल्लानें ही लग गये क्योंकि ये सीधे सीधे उनकी इतनी बड़ी गलती की तरफ इंगित किया जा रहा इशारा था जिसे वो हमेशा ही छुपाने का प्रयास करते है.

खैर भाजपा ने तो इसे बहुमत के साथ में पास करवा लिया है जिसके बाद में राज्यसभा में भी इसके जल्दी ही पास हो जाने के आसार है. इसके बाद में भारत के सीमावर्ती देशो से हिन्दू, इसाई जैसे ध्म्रो से लोग आकर के भारत में रह सकते है अगर उन्हें वहाँ तंग किया जा रहा है.