देवेन्द्र फडनवीस ने आखिरकार बताया, क्यों ली थी अजित पवार के साथ मुख्यमंत्री पद की शपथ

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देवेन्द्र फडनवीस का नाम तो आप भी जानते ही है कि वो महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रह चुके है और उनके काम करने का तरीका तो अपने आप में गजब सा ही है क्योंकि जिस तरह से फडनवीस ने पांच साल महाराष्ट्र की सत्ता संभाली वो सफल साल कहे जाते है. मगर साथ ही साथ में एक चीज और है कि वो इस बार का चुनाव हार गये है मगर कुछ घंटो के लिए वो मुख्यमंत्री बने जरुर थे और क्यों बने थे? इस पर उन्होंने खुद ही चुप्पी तोड़ दी है और सारी बाते सबके सामने खोलकर के अच्छे से रखी है.

सब एक दिन में नही हुआ था, शरद पवार को सारी जानकारी थी
देवेन्द्र फडनवीस ने पूरी जानकारी दी कि क्या कुछ उस समय में हुआ था. फडनवीस ने बताया कि अजित पवार उनके पास आये और उन्हें एनसीपी के सभी 54 विधायको का समर्थन दिलाने का वादा किया था. अजित पवार ने फडनवीस और कई विधायको की बात भी करवाई थी जिन्होंने बीजेपी के साथ जाने की इच्छा जताई थी क्योंकि उन्हें लगता था कि तीन पार्टियों का मिलकर के सरकार चला पाना बड़ा ही मुश्किल होगा और सत्ता में भागीदारी भी कम ही मिलेगी.

वही अजित पवार ने फडनवीस को ये भी  बताया कि जो कुछ भी हो रहा है वो शरद पवार की जानकारी में ही हो रहा है.ऐसे में उन्हें चिंता करने की बिलकुल भी जरूरत नही है और इस तरह से अजित पवार ने फडनवीस को भरोसा दिलाया उसके बाद में वो सरकार बनाने के लिए तैयार हो गये. ये अपने आप में एक छोटा सा लेकिन काफी मायने रखने वाला इतिहास था.

हालांकि बादमे शरद पवार के पॉवर के आगे अजित पवार की चली नही और आखिरकार फडनवीस का बना हुआ किला कुछ ही समय में ढह गया जो अपने आप में बेहद हे खास भी है इस बात में कोई भी संशय नही है. मगर एक बात ये भी तो है कि आगे वाली सरकार भी तो स्थिर नही है.