कांग्रेस से गठबंधन पर शिवसेना में आपसी फूट, 400 कार्यकर्ताओं ने लिया बड़ा फैसला

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महाराष्ट्र की राजनीति इन दिनों में बहुत ही ज्यादा बदली बदली सी नजर आ रही है. जो कुछ भी सेना ने किया अब वो चाहे अपने दोस्तों को, अपने कार्यकर्ताओं को धोखा देना हो या फिर चाहे अपने ही विरोधियो से सिर्फ सत्ता मिलाने के लिए हाथ मिला लेना हो. इसने कही न कही सेना की क्रेडिबलिटी को तो खत्म कर ही दिया है इस बात में कोई भी शक नही है. ऐसे में अगर शिवसेना को कई फायदे हुए है तो कई नुक्सान भी जाहिर तौर पर होने है और कुछ नुकसान तो अब भी होने जारी है.

मुंबई के धारावी में 400 शिवसैनिको ने शिवसेना छोड़ भाजपा ज्वाइन की
पूरी बात अभी की ही है जब शिवसेना द्वारा उठाये गये कदमो के बाद में उनके ही अन्दर से कलह शुरू हो गयी है. मुंबई के धारावी में रमेश नाडार के नेतृत्व में पूरे 400 के करीब शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने न सिर्फ शिवसेना को छोड़ा बल्कि भाजपा का दामन भी थाम लिया. इन लोगो के कार्यक्रम में हर तरफ बीजेपी के झंडे और बीजेपी के झंडे वाले दुपट्टे नजर आ रहे थे जिसमे पूर शिवसेना कार्यकर्ता सराबोर हो रखे थे.

वैचारिक मतभेद के चलते लोग छोड़ रहे है पार्टी
शिवसेना के शीर्ष नेतृत्व द्वारा गठबंधन का जो फैसला लिया गया है उससे अधिकतर शिवसेना के लोग सहमत नजर नही आते. इससे पहले बड़े शिवसेना के नेता रमेश सोलंकी ने शिवसेना को छोड़ा और इसके बाद अब रमेश नडार के साथ कुल 400 के करीब शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने कहा कि भ्रष्ट और हिन्दू विरोधी राष्ट्र विरोधी पार्टियों के साथ में जाकर के पार्टी ने उनका भरोसा तोड़ा है और इसी कारण से वो अब इस पार्टी में नही रह सकते है.

सोशल मीडिया पर तो लोग अब ये भी कह रहे है कि ये सिर्फ शुरुआत भर है. इसके बाद तो आगे और भी काफी बड़े बड़े बवाल होने जा रहे है जिस्कीक कल्पना तक नही की जा सकती है और ये शिवसेना के भीतर से ही उठने वाले है.