बड़ा खुलासा: इस काम को पूरा करने के लिये 80 घंटे के सीएम बने थे देवेन्द्र फड़नवीस

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देवेन्द्र फडनवीस इन दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति में एक तरह से केंद्र बिंदु बन गये थे और जिस तरह से बीच में वो सत्ता से बेदखल हुए, फिर दुबारा एनसीपी की मदद से सरकार बनी और महज कुछ घंटो में गिर भी गयी तो काफी दिलचस्प मामला था इस बात में कोई भी शक नही है लेकिन आप जानते है कि ये सब आखिर हुआ क्यों था? इसके पीछे भी कारण था और इसका खुलासा हम नही बल्कि भाजपा के ही एक सांसद और दिग्गज नेता अनंत कुमार हेगड़े ने किया है जिसे हम आपको बता रहे है.

40 हजार करोड़ बचाने के लिये सीएम बने थे फडनवीस, वापिस केंद्र को किये ट्रांसफर
अब आपको ये कारण कितना व्यवहारिक लगता है ये आपके ऊपर निर्भर करता है लेकिन भाजपा सांसद अनंत कुमार हेगड़े ने बताया कि केंद्र के 40 हजार करोड़ रूपये बचाने के लिये देवेन्द्र फडनवीस को महाराष्ट्र का कुछ घंटो का मुख्यमंत्री बनना पडा. शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी की इस पैसे पर बुरी नजर थी जिसे बचाना था. फडनवीस ने मुख्यमंत्री बनने के बाद में तुरंत वो पैसा वापिस वही भेज दिया जहाँ से आया था. अगर ये पैसा ठाकरे सरकार के हाथ लगता तो वो इसका दुरूपयोग कर सकते थे.

शिवसेना ने भी सामना में दिया जवाब
शिवसेना अपनी तरफ से जवाबी कार्यवाही अक्सर सामना मुखपत्र से ही करती है और इस बात भी उन्होंने बिलकुल ऐसा ही किया. शिवसेना के मुखपत्र सामना में लिखा गया कि ये जो कुछ भी हुआ वो और कुछ नही सिर्फ और सिर्फ बीजेपी के कर्मो का फल है. मुख्यमंत्री की हैसियत से फडनवीस ने जो गलतियां सत्ता में रहते हुए की है वो उन्हें अब विपक्ष में रहते हुए नही करनी चाहिये.

अब महाराष्ट्र में सत्ता का संघर्ष चाहे थम हो गया हो लेकिन दोनों के बीच में जुबानी जंग फिर भी जारी है और हर कोई अपनी अपनी तरफ से अलग अलग किस्म के कारण और वजहे दे रहा है जो जनता को शायद हजम न हो रही हो.