बीजेपी को इन दो शर्तो पर समर्थन देने को तैयार थे शरद पंवार, लेकिन मोदी नही माने

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पिछले कुछ दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति में काफी कुछ घटित हुआ है और देश की जनता के सामने घटित हुआ है इस बात में कोई भी शक नही है मगर अब इस घटनाक्रम में कुछ बाते ऐसी भी है जो सामने के परदे पर नही आ पाती है या फिर पार्टीज कभी भी उनके बारे में आधिकारिक बयान नही देती है क्योंकि ये हमेशा ही उनकी गुपचुप राजनीतिक आ हिस्सा रहती है और ये सब कभी भी हर किसी के साथ में बयान कर पाना संभव भी कई बार नही हो पाता है मगर बाते तो बाहर आ ही जाती है.

शरद पवार ने रखी थी मोदी के सामने दो शर्ते, नही माने मोदी तो चले गये शिवसेना के साथ
फ़िलहाल कई मीडिया रिपोर्ट्स है जो खुलकर के सामने आ रही है और इनमे दावा किया गया है कि शरद पवार ने बीजेपी को समर्थन देने के लिए दो शर्ते रखी थी जिसमें पहली शर्त थी उनकी बेटी सुप्रिया सुले को देश की कृषि मंत्री बनाना और दूसरी देवेन्द्र फडनवीस की जगह किसी और को महाराष्ट्र को मुख्यमंत्री बनाना.

पवार ने ये दोनों ही शर्ते पीएम मोदी के सामने रखी और इन्तजार किया. अजित पवार उनके खेमे में जाकर के उनकी सरकार बनवा भी चुके थे. शरद पवार ने अंतिम समय तक इन्तजार किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनकी इस शर्त को मान जाये लेकिन मोदी और शाह ने उनकी इस शर्त को सिरे से खारिच कर दिया जिसके बाद में शरद पवार ने अंतिम समय में शिवसेना के साथ में सरकार बना ली और अब वो महाराष्ट्र की वर्तमान सरकार में भागीदार की भूमिका निभा रहे है जो सभी लोग जानते ही है.

अब इस पूरी घटना से कही न कही ये तो मालूम चलता ही है कि पवार ने इस पूरे मामले में पॉवर पॉलिटिक्स खेली थी लेकिन मोदी ने उनके सामने झुकने की बजाय अपनी तरफ से सरकार कुर्बान कर देने को ही तरजीह दी और अब देवेन्द्र फडनवीस महाराष्ट्र में नेता विपक्ष के तौर पर बैठे हुए है.