क्या मातोश्री को छोड़कर मुख्यमंत्री आवास में रहने जायेंगे उद्धव ठाकरे? दिया ये जवाब

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जहाँ जहाँ पर शिवसेना का जिक्र आता है वहाँ वहाँ पर मातोश्री का जिक्र तो आएगा ही आएगा क्योंकि इसे बाला साहब ठाकरे ने शिवसेना की राजनीति का केंद्र बिंदु बना दिया था. ठाकरे परिवार से जिस किसी ने भी राजनीती की है या फिर कोई भी काम किया है तो वो सब मातोश्री से ही हुआ है लेकिन अब सवाल ये है कि अब उद्धव जब मुख्यमंत्री बन गये है तो भी क्या वही पर रहकर के सब काम करेंगे या फिर जो सरकारी बँगला है वहाँ जायेंगे? इसका जवाब भी ठाकरे ने आखिरकार दे ही दिया है.

उद्धव ने दिये मातोश्री छोड़ने के संकेत, कहा लोगो से मिलने के बाद निर्णय लूँगा
मीडिया से बात करने के दौरान उद्धव ठाकरे से एक पत्रकार ने सवाल किया कि अब वो मुख्यमंत्री बन चुके है तो क्या वो मुख्यमंत्री आवास जिसका नाम ‘वर्षा’ है उसमे रहने के लिए जायेंगे या फिर मातोश्री में रहकर के ही सब कामकाज देखेंगे? इसके जवाब में उद्धव ठाकरे ने कहा ‘सभी जानते है मेरी मातोश्री के लिए क्या भावनाये है. हालांकि अभी मुझे कई लोगो से मिलना है और उसी हिसाब से मैं निर्णय भी लूँगा.’ अब इस टालमटोल का मतलब तो यही है कि वो सीएम आवास जाने के मूड में है.

इन दिनों काफी कम हुआ है मातोश्री का दबदबा
कभी एक वक्त में मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक शिवसेना के राजनीतिक अड्डे मातोश्री पर हाजिरी लगाने आ जाते थे लेकिन इन दिनो ऐसा नही है. भाजपा ने तो वहा जाना पहले ही छोड़ दिया है और अब हालत ये हो गयी है कि उद्धव को भी मीटिंग के लिए दूसरी जगहों पर जाना पड़ता है जबकि पहले ऐसा नही होता था.

कही न कही इंसान के जो फैसले होते है वो ही उसके सम्मान को घटाते और बढाते है और एक बार सत्ता जीत लेने का मतलब ये नही होता हिया कि आपका कद लोगो में बढ़ गया क्योंकि नीतिगत रूप से देखे तो उद्धव ठाकरे को सिर्फ सीएम की पॉवर मिली है जबकि उनकी राजनैतिक ताकत गिर गयी है.