उद्धव ठाकरे और उनके नेताओं को राज्यपाल ने लताड़ा, कर दी है भारी गलती

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उद्धव ठाकरे पहली बार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने है. उनके हाथ में सत्ता आयी है और कही न कही ये शिवसेना के सपने के पूरे होने जैसा है जिस पर उन्हें गर्व भी हो रहा है मगर ऐसा गर्व किस काम का जो आपको अपनी मर्यादा ही भुला दे? ये तो अपने आप में चिंता का विषय है न? दरअसल इस तरह की गलती शिवसेना ने ही नही बल्कि उनके सहयोगी दलों ने खुले तौर पर शिवाजी पार्क में सबके सामने किया है और जनता भी इस पर तालिया बजाती रही लेकिन राज्यपाल काफी नाराज हुए है.

शपथ के मंच पर भूल गये संविधान, करते रहे सिर्फ अपने नेताओं का गुणगान
शिवाजी पार्क में उद्धव ठाकरे के साथ एनसीपी, कांग्रेस और शिवसेना के मंत्रियो ने शपथ ली लेकिन शपथ के साथ वो लोगो के बारे में बात करना या संविधान के बारे में भूल ही गये. शिवसेना के लोग शपथ के वक्त बाल ठाकरे का, एनसीपी के लोग शरद पवार का और कांग्रेस के लोग सोनिया गांधी का गुणगान करने लगे जो प्रोटोकोल और संवैधानिक प्रक्रिया के खिलाफ है. सरकारी पद पर बैठते समय आपको राजनीतिक बाते करने की अनुमति नही होती है लेकिन ये सब खुलेआम हुआ. राज्यपाल ने इसके बाद उद्धव को लताड़ लगाकर दुबारा ऐसा कुछ न करने की हिमायत दी.

गलती मानने की बजाय अपना पल्ला झाड़ते हुए नजर आये नेता
संविधान और लोकतंत्र का इतना भारी अपमान करने के बाद में जब उनमे से एक नेता नवाब मलिक से पूछा गया कि ये सब कुछ गलत है फिर आप शपथ के मंच से अपने नेताओं का गुणगान क्यों करने में लगे थे? इसके जवाब में मलिक ने बड़ी बेशर्मी से कहा ये हमने थोड़ी शुरू किया है, ये तो पहले से ही हो रहा है और भी लोग करते है.

कुल मिलाकर के उनका ये मानना है कि और लोग संविधान का अपमान कर दे तो हम लोग भी करेंगे. भला ये चीज कहाँ तक जायज है? ये कोई भी जायज नही ठहरा सकता है लेकिन नेता अपने मद में इस कदर चूर हो रखे है कि हद ही पार हो रखी है.