अजित पवार ने बतायी शिवसेना को छोड़ बीजेपी को समर्थन करने की वजह

502

आखिरी 48 घंटो में महाराष्ट्र की राजनीति में जो भी घटनाक्रम हुए है उस पर किसी को भी आँखों देखी तो विश्वास नही हो रहा है. किस तरह से अमित शाह अचानक से शिवसेना के खेमे से एनसीपी के विधायको को ले उड़े जिनका नेतृत्व अजित पवार कर रहे थे ये अपने आप में सभी को पूरी तरह से चौंका रहा था. अब सवाल ये भी उठा कि ऐसा क्या हुआ कि आखिर अजित पवार ने अपने ही राजनीति के मेंटर शरद पवार से अलग होकर भाजपा को समर्थन दिया तो इसका जवाब भी उन्होंने खुद मीडिया से बात करते हुए दिया है.

किसानो की समस्या हल करने के लिये किया समर्थन, देनी थी एक स्थिर सरकार
अजित पवार ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि रिजल्ट आने के बाद से कोई भी सरकार बना नही पा रहा था और महाराष्ट्र के किसान अपनी समस्याओं से जूझ रहे थे, इसलिए हमने एक स्थिर सरकार देने का फैसला किया. अजित पवार का ये भी मानना है कि स्थिर सरकार सिर्फ फडनवीस के साथ ही बन सकती है, शिवसेना के साथ उन्हें स्थिर सरकार नजर नही आती है.

बाजार में अफवाहे जोरो पर, ईडी के डर से दिया समर्थन
जब से अजित पवार ने अचानक ही भाजपा को अपना समर्थन पत्र सौंपा उसके बाद से उनके खिलाफ अफवाहे और खबरे भी उड़ रही है कि उन पर कई भ्रष्टाचार जैसे केस है जिसमे उन्हें ईडी के जरिये जेल भिजवाने की बाते तक हुई है. अब कारण ये भी हो सकता है क्योंकि परदे के पीछे राजनीति में कौन क्या कर रहा है ये बात किसी को पता चल ही नही पाती है.

हालांकि सरकार बन चुकी है और अब अजित पवार के सामने सबसे बड़ी चुनौती ये है कि वो किसी तरह से विधायको का समर्थन बीजेपी के लिए बरकरार रखे और जब भी विधानसभा में फ्लो टेस्ट करने की बात आये तो एनसीपी के अधिकतम विधायक भाजपा के पक्ष में वोट करे.