शिवसेना संग कांग्रेस गठबंधन पर नाराज हुए संजय निरूपम, कही ये बात

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शिवसेना भारतीय जनता पार्टी से अपना रिश्ता तोड़ चुकी है और ये बात तो जगजाहिर है लेकिन अब क्योंकि शिवसेना के पास में बिना बहुमत के सरकार बनाने का आंकड़ा नही है तो ऐसी स्थिति में उन्होंने एनसीपी और कांग्रेस की तरफ रूख दिया. लगभग एक महीने की मान मनव्वल के बाद में दोनों ही पार्टियां एनसीपी और कांग्रेस कुछ हद तक शिवसेना के साथ मिलकर के सरकार बनाने को लेकर के राजी हो गयी है मगर कांग्रेस के इस कदम से उन्ही के पार्टी के कुछ लोग बिलकुल भी खुश नही है और ये बात हम नही बल्कि वो खुद कह रहे है.

संजय निरूपम ने कहा, शिवसेना से गठबंधन कांग्रेस को दफनाने के बराबर होगा
शिवसेना के साथ में कांग्रेस के गठबंधन पर सभी लोग अपनी अपनी राय रख रहे है कांग्रेस के वरिष्ठ नेता संजय निरूपम ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि कांग्रेस का शिवसेना के साथ में मिलकर के गठबंधन करना और तीसरे दर्जे की पार्टी बनकर के सरकार में होना इस पार्टी को दफनाने के जैसा होगा. मेरा तो यही मत है कि इस पर एक बार फिर से विचार कर लेना होगा.

इससे पहले भी कई कार्यकर्ता चिट्ठी लिखकर के जता चुके है सोनिया से नाराजगी
सिर्फ संजय निरूपम ही नही बल्कि और भी कई बड़े छोटे नेता इस गठबंधन से खुश नही है. हाल ही में एक कांग्रेस नेताओ के ही दल ने सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखी थी जिसमे उन्होंने शिवसेना के साथ में किसी भी तरह का रिश्ता न जोड़ने की मांग की है. अब सोनिया गांधी किसकी सुनती है और किसके हक़ में फैसला देती है ये तो सिर्फ वो ही बता सकती है लेकिन फ़िलहाल के लिए ये मामला काफी पेचीदा हो रखा है.

दूसरी तरफ शिवसेना पूरी तरह से कांफिडेंस में है और राऊत ने तो ये तक कह दिया है कि हम देश में एक दिसंबर तक सरकार ले आयेंगे और इस सरकार में मुख्यमंत्री शिवसेना का ही होगा. वो इसे पूरे पञ्च साल तक चलाने का दावा भी करते है.