भारत ने संयुक्त राष्ट्र में किया इजरायल के खिलाफ वोट, इस वजह से लेना पड़ा फिलीस्तीन का पक्ष

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भारत और इजरायल के सम्बन्ध आज के नही बल्कि बहुत पहले के है और ये दिन ब दिन प्रगाढ़ हुए है लेकिन दो दोस्तों की यारी में कई बार कुछ एक पल ऐसे भी आते है जब हमें अपने सिद्धांतो के आगे दोस्ती को झटका देना पड़ता है और शायद इस बार भारत और इजरायल की दोस्ती के मामले में भी ऐसा ही कुछ देखने को मिलता है जिसने कई जगहों से तो खरोंच पैदा की ही की है इस बात में कोई शक नही है.

फिलीस्तीन में इजरायल की बसावट के समबन्ध में था प्रस्ताव, भारत ने फिलिस्तीन का सपोर्ट कर दिया
दरअसल पिछले कुछ दिनों में इजरायल ने अपने क्षेत्र में विस्तार किया है और फिलीस्तीन के कुछ इलाको में सैन्य मदद से अपनी बसावट बढ़ा दी है जिसके चलते फिलीस्तीन के साथ उसके मित्र देशो ने संयुक्त राष्ट्र में इसके खिलाफ प्रस्ताव लाया और दुनिया के अधिकतर देशो ने इस प्रस्ताव का समर्थन कर फिलीस्तीन के समर्थन में वोट किया और इजरायल के खिलाफ गये और भारत भी उनमे से ही एक है. उम्मीद तो यही करते है कि इसका भारत और इजरायल के द्विपक्षीय रिश्तो पर कोई प्रभाव नही पड़ेगा.

हालांकि पिछले कुछ समय से भारत ने अपना रूख बदला था और संयुक्त राष्ट्र में होने वाली अधिकतर वोटिंग में भारत ने इजरायल का पक्ष ही लिया है लेकिन इस बार मामला ऐसा था कि अगर भारत इजरायल के पक्ष में चला जाता तो दुनिया को यही सन्देश जाता कि भारत अतिक्रमणवादी सोच का समर्थक है और ऐसे में भारत को अपने अगले वोटिंग काल में काफी मुसीबतों का सामना करना पड़ता जिसके चलते इस बार ऐसा करना पड़ा.

हालांकि यहाँ पर ऑस्ट्रेलिया जैसे देश वाक आउट कर गये और उन्होंने वोट ही नही किया जबकि अमेरिका इस मामले में खुलकर के इजरायल के पक्ष में है और जब से ट्रम्प सर्कार आयी है तब से तो अमेरिका ने इजरायल को अपनी तरफ से अँधा समर्थन देना शुरू कर दिया है जो अपने आप में दुनिया को चकित ही कर रहा है.