मोदी अब ऐसा क़ानून बनाने जा रहे है, जो सोनिया गांधी से उनकी आखिरी पॉवर भी छीन लेगी

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जब से नरेंद्र मोदी का राष्ट्रीय राजनीति में आगमन हुआ है तबसे ही कांग्रेस की शामत सी आयी हुई है. आये दिन कांग्रेस पार्टी से कभी केंद्र की सत्ता हाथ से जा रही है, कभी कोई राय हाथ से निकल रहा है और कभी कही कही के म्यूनिसपालिटी भी नही बच रहे है. अब तो राहुल और सोनिया गांधी के पास से एसपीजी सुरक्षा कवर भी छीन लिया गया है मगर लगता है अभी ये सब खत्म नही हुआ है क्योंकि ये सब के बाद में अब जो ऐतिहासिक चीजो पर गांधी परिवार का कब्ज़ा है उस पर भी मोदी सरकार की नजर पड़ गयी है.

मोदी सरकार पेश करेगी जलियावाला बाग़ नेशनल मेमोरियल बिल, सोनिया गांधी अध्यक्ष पद से हटेगी
अब तक जलियावाला बाग़ के ट्रस्ट का एक सदस्य कांग्रेस का ही होता था जो स्थायी होता था और उसे अध्यक्ष बनाया जाता था जो वर्तमान में सोनिया गांधी बनी हुई है लेकिन अब ऐसा नही होगा. अब नए संसोधित बिल के मुताबिक़ इसके ट्रस्ट का अध्यक्ष कोई पार्टी विशेष से नही बल्कि विपक्षी पार्टी जो सबसे बड़ी पार्टी है उसका नेता होगा.  इसके अलावा सरकार चाहे तो ट्रस्ट को जब कभी चाहे तब बर्खास्त कर सकती है.

कांग्रेस ने लगाये बिल के नाम पर जलियावाला बाग़ से राजनीति करने के आरोप
कांग्रेस नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी पर साफ़ साफ़ तौर पर आरोप लगाये है कि इस जलियावाला बाग़ बिल के नाम पर वो सिर्फ और सिर्फ राजनीति कर रही है. कांग्रेस आजादी के आन्दोलन में शुरू से भागीदार रही थी और इस कारण कांग्रेस का ऐसी जगहों पर अधिकार रहा है मगर अब यहाँ पर भी मोदी सरकार सब कुछ छीन रही है.

पहले से ही कांग्रेस पार्टी सोनिया गांधी से एसपीजी कवर हटाने को लेकर के कांग्रेस पार्टी के लोग सडको पर उतरे हुए है और विरोध कर रहे है लेकिन  अब उनकी मांग में शायद अब ये ट्रस्ट वाला मुद्दा भी जोड़ दिया जाए जिस पर से सोनिया गांधी को मोदी सरकार उतारने की तैयारी में है.