देश को मिला पहला रोबोट पुलिस, दिलवायेगा पीड़ितों को इंसाफ

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दुनिया में बड़ी ही तेजी से टेक्नोलॉजी डेवेलोप हो रही है जिसका हिस्सा जाहिर तौर पर हम सभी लोग बनना भी चाहते है क्योंकि इससे हमारी जिन्दगी आसान होती है. प्रधानमंत्री मोदी भी इस मामले में ख़ास तौर पर लगे हुए है. वो डिजिटल इंडिया, स्टार्ट अप इंडिया और ई गवर्नेंस पर जोर देते है. इसी का एक नमूना हाल ही में देखने में आया है जिसने सभी लोगो को काफी हद तक हैरान भी किया है. हम बात कर रहे है पुलिस डिपार्टमेंट के आधुनिकरण की जिसकी शुरुआत की जा चुकी है.

आंध्रप्रदेश के पुलिस स्टेशन को मिला पहला रोबोट पुलिस, करेगा एक नही कई सारे काम
इस रोबोट को साइबर रोबो कप्लर प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी ने बनाया है जो भारत की है और इस रोबोट को विशाखापत्तनम के नजदीक एक पुलिस स्टेशन में रखा गया है. ये सेल्यूट करना, आने वाले फरियादियो की कम्पलेन को कुंजी द्वारा या फिर रिकॉर्डिंग द्वारा दर्ज करना, उन्हें बड़े अधिकारियों तक पहुंचाना, अपने पास मौजूद डाटा की मदद से अपराधियों को पहचानने जैसे काम कर लेता है जो अपने आप में काफी जबरदस्त है. हालांकि शुरूआती चरण है तो इसकी कार्यप्रणाली थोड़ी धीमी है लेकिन इसमें और भी सुधार की समभावना है.

आखिर क्यों जरूरी है पुलिस का आधुनिकरण?
पुलिस व्यवस्था को डिजिटलीकृत करने, उनमे रोबोटिक्स जोड़ने और सीसीटीवी सर्विलियांस लाने जैसी चीजे आज मूल जरूरत बन चुकी है क्योंकि दुनिया के अधिकतर देश ऐसा कर चुके है और इससे न सिर्फ पुलिस डिपार्टमेंट का व्यवहार सुधरा है बल्कि भ्रष्टाचार में भी कमी आयी है. ये काफी ज्यादा जरूरी भी माना जा रहा है हालांकि इससे नौकरियां खत्म होने के डर से जाहिर तौर पर इसका कही कही पर विरोध भी होने लगेगा.

रिपोर्ट्स के मुताबिक़ अभी रोबोटिक्स के अन्दर आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस का उपयोग करके इन्हें और भी उन्नत बनाने के प्रयास किये जा रहे है जिससे कि जितना हो सके उतना सिस्टम को तेज और उन्नत बनाया जा सके. हालांकि इसमें समय तो काफी लगेगा.