शिवसेना को समर्थन मामले में सोनिया गांधी को कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने लिखी चिट्ठी

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महाराष्ट्र की राजनीति इन दिनों काफी उबाल पर है और होगी क्यों नही? जिस तरह की राजनीति फ़िलहाल राज्य में चल रही है वो अपने आप में सभी को कुछ ज्यादा ही हैरान कर रही है, परेशान कर रही है. मगर हाल ही में सोनिया गांधी को जो पत्र मिला है उसने एक और बड़ा बवाल सबके सामने लाकर के खड़ा कर दिया है जो शिवसेना की मुश्किलें पहले से कई गुना बढ़ा सकता है क्योंकि बात ही कुछ ऐसी है. हालांकि शिवसेना को समर्थन मामले पर कांग्रेस में फूट तो पहले से ही है.

कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने लिखी चिट्ठी, न दे शिवसेना को समर्थन
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ सोनिया गांधी को कांग्रेस पार्टी के ही कार्यकर्ताओं और नेताओ ने जिनमे अधिकतर लोग मुस्लिम है उन्होंने चिट्ठी लिखी है और उस चिट्ठी में वो कहते है कि शिवसेना को किसी भी कीमत पर समर्थन न दिया जाए, उनकी बाते और उनके काम हमारी विचारधारा से बिलकुल भी मेल नही खाते है. सोनिया गांधी भी इसके बाद में सोचने पर मजूबर हो रही है कि अब क्या करे और क्या न करे? अपनी पार्टी के लोगो को नाराज कर किसी और का भला तो कर नही सकते.

शिवसेना के पास नही बचेगा कोई भी रास्ता
अगर सोनिया गांधी अपने पार्टी के लोगो की इन बातो को मान लेती है तो फिर सिर्फ एनसीपी के समर्थन से तो शिवसेना सरकार बनाने से रही और ऐसी स्थिति में गेंद भाजपा के पाले में आ जायेगी. अब इसके बाद ऐसा भी संभव है कि बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी होने के बाद भी सरकार बनाने से इनकार कर दे और दुबारा चुनावों की अपील कर दे.

अब अगर ऐसा होता भी है तो जाहिर तौर पर बीजेपी शिवसेना से अलग होकर के ही चुनाव लड़ेगी क्योंकि अगर वो ज्यादा सीट्स पर लडती है तो उसके पास में ज्यादा विधायक आने की संभावना रहेगी और ये भाजपा की महाराष्ट्र में पूर्ण बहुमत वाली सरकार बना सकता है.