सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ जायेगा मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड, हिन्दू महासभा के वकील ने दिया जवाब

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अभी हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने बहुत ही बड़ा और ऐतिहासिक फैसला दिया है जिस पर हम सभी बात भी काफी अच्छे से कर चुके है. दशको पुराने विवाद को सुलझाते हुए सुप्रीम कोर्ट की सर्वोच्च बेंच ने फैसला किया कि मंदिर तो वही बनेगा. जमीन हिन्दू पक्ष को दे दी जाये मगर अब जो पक्ष हारता है उसे थोड़ी सी तकलीफ तो होती ही है और ऐसी ही तकलीफ मुस्लिम पक्ष में कई लोगो को हुई है जिसके चलते उन्होंने अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ जाकर उस पर पुनर्विचार याचिका दायर करने का फैसला किया है.

मुस्लिम पक्ष की बैठक में फैसला, पर्सनल लॉ बोर्ड करेगा रिव्यू पिटीशन फाइल
इस पूरे केस में मुस्लिम पक्ष की तरफ से दो बड़े पक्षकार थे एक तो इक़बाल अंसारी और दुसरे थे सुन्नी वफ्फ़ बोर्ड. इन दोनों ने रिव्यू पिटीशन फाइल करने से मना कर दिया है लेकिन ओवेसी जैसे लोग इस आग को बुझने नही देना चाहते है जिसके चलते मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने फैसला किया है कि वो सप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ जायेंगे और रिव्यू पिटीशन दायर करेंगे. आगे जो होगा वो देखा जाएगा.

हिन्दू महासभा के वकील ने कहा, कुछ नही कर पायेंगे
हिन्दू महासभा के वकील विष्णु जैन ने इस मामले पर मीडिया से बात की और कहा कि इनको पिटीशन फाइल करनी है तो करने दो. पहली बात तो ये है कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड तो इसमें पार्टी ही नही है. सुन्नी वफ्फ़ बोर्ड और इकबाल अंसारी है वो तो कुछ करना ही नही चाहते. इसके बाद भी अगर ये करना चाह रहे है तो हम इस मामले में पूरी तरह से तैयार है और राम मंदिर के निर्माण कोई भी देरी नही आयेगी.

विष्णु जैन ने तो यहाँ तक चेतावनी दे दी कि अगर ऐसा रहेगा तो हम भी पिटीशन दायर कर देंगे कि इन्हें जो पांच एकड़ जमीन दी जा रही है वो पूरी तरह से गैर वाजिब है और ये भी नही दी जानी चाहिए. जिस तरह से हिन्दू पक्ष के वकीलों ने अपनी बात रखी है उसके बाद में लगता नही है कि कोई कुछ कर भी पायेगा.