अब विपक्ष में बैठेगी शिवसेना, बदल गयी सीटे

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महाराष्ट्र की राजनीति में जो भी उठापटक हमें पिछले कुछ हफ्तों में देखने में मिली है उसने भारतीय राजनीति का प्रारूप और स्वरुप दोनों ही बदलकर के रख दिये. शिवसेना ने न सिर्फ एनडीए से गठबंधन तोड़ दिया बल्कि उन पार्टियों से जाकर के अपना नाता जोड़ लिया जिनके विरोध के साथ में ही उनका उदय हुआ था. ये अपने आप में एक गजब की बात भी है लेकिन अब जो कुछ भी हुआ है उसकी कीमत शिवसेना को चुकानी ही थी और उसकी शुरुआत शायद अब हो चुकी है.

विपक्ष में बैठेगी शिवसेना, शीतकालीन सत्र के लिये बदली गयी सीटे
हम सभी जानते है कि 18 नवम्बर से शीतकालीन सत्र शुरू होने जा रहा है जिसमे संसद में काफी गहन मुद्दों पर चर्चा होने वाली है. पहले जहाँ सदन में शिवसेना की सीट्स सरकार वाली पक्ष की तरफ होती थी मगर अब ऐसा नही होगा. अब शिवसेना के सांसदों की सीटे बदल दी गयी है और उनके सभी सांसद विपक्ष की तरफ बैठेंगे. शिवसेना के नेता प्रहलाद जोशी ने इस बात की पुष्टि की है कि शिवसेना अब सत्ता पक्ष की तरफ नही बल्कि कांग्रेस की तरह यानि विपक्षी पार्टियों के साथ में बैठेगी.

इस बदलाव से किसे कितना नुकसान?
अब सवाल ये भी उठता है कि आखिर शिवसेना के विपक्ष में चले जाने से किसे कितना नुकसान है? तो इसमें अभी कोई पत्ते साफ नही हिया क्योंकि केंद्र सरकार में बैठी बीजेपी इस सत्र में संभव है कि एनआरसी जैसे बिल लेकर के आये और ऐसे में शिवसेना एजेंडे के तहत उनपर पक्ष में वोट करती है या फिर विपक्षियो के साथ मिलकर के बीजेपी की जड़े खोदने का प्रयास करती है ये भी देखने वाली बात होगी.

वही बात करे राज्य स्तर की तो यहाँ शिवसेना की बात कांग्रेस और एनसीपी से लगभग लगभग बन गयी है और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही शिवसेना के मुख्यमंत्री वाली सरकार सामने आ जायेगी. अब ये कितना चल पाती है कितना टिक पाती है? ये देखने वाली बात होगी.