गिरिराज सिंह बोले, अब मोदी जी सिर्फ ये आखिरी काम कर दे तो मैं भी राजनीति को अलविदा कहूं

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गिरिराज सिंह बिहार के बहुत ही जाने माने और कद्दावर नेता माने जाते रहे है जिनकी अपनी पहचान है और केबिनेट में भी उनका अच्छा ख़ासा सिक्का चलता है ये बात किसी को बताने या फिर समझाने की जरूरत ही नही है मगर गिरिराज सिंह आखिर उन नेताओं में से एक है जो मूल रूप से पैसा कमाने के लिए राजनीति में नही आये है बल्कि उनकी कुछ विचारधारा है, उनके कुछ लक्ष्य है जिन्हें वो पूरा करने के मकसद से भाजपा में है और शायद इस वजह से इतने सालो से बने हुए भी है.

जिस दिन जनसँख्या नियंत्रण क़ानून आ जायेगा, राजनीति से अलग हो जायेंगे गिरिराज सिंह
भाजपा के केन्द्रीय मंत्री और बेगूसराय से सांसद गिरिराज कहते है ‘अब हमारा राजनीति को अलविदा कहने का समय आ गया है. मैं राजनीति में जहाँ बलिदान हुए मुखर्जी वो कश्मीर हमारा है और बच्चा बच्चा राम का नारा के साथ में आया था. दोनों ही कार्य 370 और राम मंदिर पूरे हो गये है. अब देश को बस जनसँख्या नियंत्रण क़ानून की जरूरत है. जिस दिन देश में ये क़ानून लागू हो जाएगा मैं खुदको राजनीति से पूरी तरह अलग कर लूँगा.

अपनी मुख्यमंत्री पद की दावेदारी पर भी बोले गिरिराज
गिरिराज सिंह ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री पद का दावेदार नही हूँ और न ही मेरी ये काबिलियत है. राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह जी ने कह दिया है कि आने वाला बिहार चुनाव नीतीश कुमार के ही नेतृत्व में लड़ा जाएगा मतलब लड़ा जायेगा. अब जिस तरह से गिरिराज सिंह के आवाज में तल्खी की बजाय नरमी बढ़ी है वो अपने आप में देखने लायक है और ये लोगो को हैरान कर रही है क्योंकि पहले तो वो नीतीश को कोसते नही थकते थे.

हालांकि जनसँख्या नियंत्रण क़ानून की मांग तो गिरिराज सिंह काफी लम्बे समय से करते आ रहे है और वो एक नही दर्जनों बार अपने बयानों में केंद्र सरकार से ये क़ानून लाने और देश में बढती जनसँख्या पर लगाम लगाने की मांग कर चुके है.