इधर मंदिर बनने की तैयारी हो रही है, उधर औवेसी ने ऐसी गन्दी बयानबाजी शुरू कर दी

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फ़िलहाल के लिये हम इतना कह सकते है कि राम मंदिर का मसला जो सदियों से अयोध्या में अटका हुआ था, ज्यों का त्यों पड़ा हुआ था उसे आखिरकार खत्म कर दिया गया और रामलला को अपनी जमीन वापिस मिल गयी. अब इसमें चाहे सदियाँ लग गयी लेकिन मिली. सब लोग इस फैसले से खुश दिखे और देश भर के हिन्दू मुसलमानों ने सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश का स्वागत का किया है मगर बात करे चंद लोगो की जिनकी राजनीतिक रोटी पर आंच धीमी पड़ने लगी है तो उन्होंने गलत बयानबाजी शुरू कर दी है.

औवेसी ने दी सुप्रीम कोर्ट को चुनौती, कहा ‘मुझे मेरी मस्जिद वापिस चाहिये’
हमेशा से ही अपने उल जलूल किस्म के बयानों के लिए जाने जाने वाले ओवेसी ने एक बार फिर से वही हरकत की है. इधर मंदिर निर्माण की शुरुआत होने जा रही है और उधर औवेसी ने अपने ट्विटर अकाउंट से लिखा ‘मुझे मेरी मस्जिद वापिस चाहिये.’ अब इस बयान का क्या अर्थ है? क्या ये मुस्लिम वर्ग को फिर से ऐसे संवेदनशील मुद्दे पर बहकाने की कोशिश नही हो रही है?

इससे पहले भी औवेसी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले की तौहीन करते हुए कहा था कि हमें ये खैरात में दी हुई 5 एकड़ की जमीन नही चाहिये. मुसलमान इतना गरीब नही है कि वो एक मस्जिद के लिए पांच एकड़ जमीन न जुटा सके. कुल मिलाकर के जब अब फैक्ट और सबूतों पर इनका पक्ष हार गया है तो इस तरह से भावुकता वाले बयान देकर के सौहार्द भरे माहौल में जहर घोलना चाह रहे है. हालांकि मेजोरिटी में लोग औवेसी को अब सीरियसली लेना ही बंद कर चुके है.

आपको बता दे इस तरह के बयानों के चलते औवेसी पर पिछले 48 घंटो में भोपाल पुलिस स्टेशन में एक शिकायत दर्ज हुई है. हालांकि वो तो इस तरह की चीजो के आदि है और इससे शायद उन्हें कोई फर्क पड़ता होता तो ऐसी बयानबाजी न ही करते.