कांग्रेस एनसीपी और शिवसेना गठबंधन पर फाइनल फैसला आ गया

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पिछले काफी लम्बे समय से महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल आ रखा था और इसे देखकर के इतना तो साफ़ हो ही रहा है कि हर कोई सिर्फ और सिर्फ सत्ता को हासिल करने के लिये लड़ रहा है ताकि जीत हासिल की जा सके. ऐसे में अब जाकर के शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी कुछ हद तक आपस में मिलकर के सरकार बनाने को तैयार हो गयी है मगर इसमें भी पेंच है और उस पेंच का नाम है कॉमन मिनिमम प्रोग्राम जो जाहिर तौर पर शिवसेना की जड़े खोदने में कांग्रेस और अन्य दलों की भी अच्छे से मदद करेगा.

महाराष्ट्र में सरकार बनाने पर तीनो में बनी एक राय, शिवसेना से बनेगा मुख्यमंत्री
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार शिवसेना कांग्रेस और एनसीपी अब जाकर के एक नतीजे पर पहुंचे है जहाँ पर वो सरकार बनाने को लेकर राजी हुए है. यहाँ शिवसेना का मुख्यमंत्री, कांग्रेस और एनसीपी से उपमुख्यमंत्री, केबिनेट में शिवसेना के 16, कांग्रेस के 12 और एनसीपी के 14 मंत्री रखे जायेंगे. इसके अलावा विधानसभा अध्यक्ष का पद कांग्रेस पार्टी को दिया जाना तय किया जा रहा है. इसके अलावा जो छोटे मोटे पद और विभाग है उन पर भी बंटवारा हो चुका है.

कॉमन मिनिमम प्रोग्राम अभी भी है एक अनसुलझी गुत्थी
सरकार बनना लगभग तय ही माना जा रहा है बस राज्यपाल से मिलकर के दावा पेश किया जाना बाकी है मगर तीनो के बीच में कॉमन मिनिमम प्रोग्राम अभी भी एक गुत्थी है. अब आप पूछेंगे कि आखिर ये क्या है? तो दरअसल इनके आपस में कुछ निजी अग्रीमेंट्स हुए है या फिर यूँ कहिये शर्ते रखी गयी है कि अगर गठबंधन की सरकार चलानी है तो फिर इन इन बातो को मानना होगा और अंतिम समय तक मानना होगा. अगर इससे परे हटे तो फिर समर्थन वापिस ले लिया जाएगा.

सूत्र बताते है कि कॉमन मिनिमम प्रोग्राम में शिवसेना पर कट्टर हिंदुत्व का रास्ता छोड़ने, क्षेत्रवादी राजनीति के जरिये बाहरी लोगो के खिलाफ बोलने और मुस्लिम आरक्षण जैसे मुद्दे थोपे जा रहे है. खैर जो भी हुआ हो वो जल्द ही सबके सामने आ ही जायेगा.