राफेल मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ गया, मोदी सरकार के खिलाफ डाली थी पुनर्विचार याचिका

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कांग्रेस के पास में शुरू से ही भाजपा को घेरने के लिए कोई भी मुद्दा नही है क्योंकि धार्मिक मुद्दों पर तो कांग्रेस शुरू से ही बैक फुट पर पर है और अब बात करे भ्रष्टाचार की तो मोदी सरकार इस मामले में काफी हद तक बिलकुल ही साफ़ रही है. उनके खिलाफ कोई भी भ्रष्टाचार का सबूत नही मिल सका और ऐसे में राफेल केस उनके लिए डूबते को तिनके का सहारा की तरह बनकर के आया था जिस पर वो सुप्रीम कोर्ट गये लेकिन हार गये. इसके बाद में भी विरोधियो को चैन नही आया तो उन्होंने फिर से राफेल मुद्दे पर पुनर्विचार याचिका डाल दी.

सुप्रीम कोर्ट का फैसला, मोदी सरकार है बिलकुल पाक साफ़ सुप्रीम कोर्ट ने आज पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई तय की थी कि इसे स्वीकार करना है ये फिर नही और पहले ही दिन इस याचिका को पूरी तरह से खारिच कर दिया गया. सुप्रीम कोर्ट का मानना है कि सरकार ने इसमें कुछ भी गलत नही किया है और न ही कोई भ्रष्टाचार किया गया है. राफेल डील में कोई भी समस्या वाली चीज नजर नही आ रही है.

फैसला आते भी भाजपा हुई कांग्रेस पार्टी पर हमलावर इधर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया और उधर मोदी सरकार की तरफ से लोग अपनी क्रीज पर आ गये. भाजपा की तरफ से बयान में कहा गया कि अब उम्मीद करते है राहुल गांधी झूठ बोलना छोड़ देंगे. भाजपा ने राहुल की माफ़ी को भी मंजूर कर लिया है और कोर्ट में उन पर कोई भी अवमानना का केस नही चलेगा जो राहुल के लिए काफी ज्यादा राहत की खबर जरुर कही जा सकती है क्योंकि कोर्ट के स्टेटमेंट्स को तोड़ मरोड़कर जनता को बेवकूफ बनाने की कोशिश करना कोई छोटी बात तो बिलकुल भी नही है.

आपको बता दे कांग्रेस पार्टी ने चुनावों में इस मामले को खूब उठाया था और खूब उछाला भी था ताकि राजनीतिक फायदा उठाया जा सके. राज्य स्तरीय चुनावों में उन्हें इसका कही न कही फायदा तो मिला ही है.