तीन तलाक, धारा 370 और राम मंदिर के बाद इस बड़े काम पर लग गये है मोदी और शाह

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मोदी सरकार जबसे भारत में बनी है तब से ही वो अपने वादों काफी हद तक खरी उतर रही है और इस बात को कोई भी नकार भी नही सकता है. हाल ही में मोदी सरकार ने किया भी कुछ ऐसा है. सबसे पहले तो तीन तलाक का बिल पास करवा दिया, इसके बाद में कश्मीर से अनुच्छेद 370 भी हटा लिया गया जो मोदी सरकार की कामयाबी की और इंगित करता है और अब तो बीजेपी का राम मंदिर का वादा बिना ख़ास जोर लगाये ही हो गया क्योंकि सुप्रीम कोर्ट से फैसला आ गया है. अब मोदी सरकार अपने अगले लक्ष्य पर केन्द्रित है.

यूनिफोर्म सिविल कोड पर काम कर रही है सरकार, जल्द संसद में पेश किया जा सकता है बिल
भाजपा के कोर एजेंडे में शुरू से ही यूनिफार्म सिविल कोड का मुद्दा रहा है और अब इसे पूरा करने पर सरकार आगे बढ़ने लग रही है. हाल ही में राजनाथ सिंह का बयान हो या फिर संसद के अन्दर हो रही हलचल हो उससे मालूम चलता है कि इस शीतकालीन सत्र में इस बिल के आने की संभावना है. हालांकि इसका विरोध भी कई लोग अभी से करने में लग गये है.

आखिर क्या है ये सामान नागरिक सहिंता
अब सवाल ये है कि ये सामान नागरिक सहिंता आखिर चीज क्या है? तो चीज तो बड़े काम की है. अब तक देश में धर्म, जगह या फिर अन्य किसी तरह के बंटवारे के आधार पर क़ानून होते है लेकिन अगर ये बिल पास हो जाता है तो ऐसा नही होगा. इसके बाद में देश के हर नागरिक के लिये सामान कानून होंगे चाहे वो किसी भी जेंडर से हो, धर्म से हो या फिर जगह से हो. अब तक ये सब धर्म आधारित पर्सनल लॉ होते है जिन्हें पर्सनल लॉ बोर्ड भी कण्ट्रोल कर रहे है.

इसमें सबसे बड़ा नाम आप मुसिम पर्सनल लॉ का सुनते होंगे. समान नागरिक सहिंता लागू होने के बाद में इनकी कोई ख़ास वैल्यू नही रह जायेगी और धर्म आधारित सभी क़ानून अमान्य हो जायेंगे जो अन्य लोगो के साथ में उनकी समानता को खतरे में डालते हो.