शिवसेना को समर्थन देने के बदले कांग्रेस ने रख दी ऐसी अनोखी शर्त

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शिवसेना इन दिनों में बहुत ही बुरी तरह से फंस चुकी है और ये बात किसी से भी किसी भी तरह से छुपी हुई नही है. हर कोई इससे काफी ज्यादा हैरान भी है क्योंकि इस तरह की हरकते अपने राजनीति के दौर में शिवसेना ने तो कभी भी नही की है. मगर अब की है तो इसके पीछे भी कारण तो है और वो कारण है सत्ता का मोह. अब शिवसेना किसी भी कीमत पर महाराष्ट्र की सरकार में खुद ड्राईवर बनना चाहती है और अन्य से समर्थन लेना चाह रही है मगर ये राह भी आसान नही है.

शिवसेना को समर्थन के बदले कांग्रेस की शर्त, कट्टर हिंदुत्व छोड़ना होगा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कांग्रेस शिवसेना को समर्थन देने के लिये राजी तो हो गयी है लेकिन उसने कई शर्ते भी रखी है और उसमे से कुछ शर्ते तो ऐसी है जो शिवसेना का मूल स्वरुप ही बदल देगी. कांग्रेस की तरफ से शर्त रखी गयी है कि उन्हें कट्टर हिंदुत्ववादी विचारधारा को छोड़ना होगा, महाराष्ट्र में आने वाले बाहरी लोगो से दुर्व्यवहार करना बंद करना होगा और अल्पसंख्यको और दलितों के साथ में होने वाले भेदभाव को भी रोकना होगा.

शिवसेना ने मांगे मान ली तो टूट जायेंगे पार्टी के अनगिनत लोग
शिवसेना से अधिकतर लोग उसकी विचारधारा के कारण ही जुड़े है जो बाल ठाकरे ने बनाई थी मगर अब अगर शिवसेना कांग्रेस की इन शर्तो को मानकर के सेक्युलर चोगा ओढने के लिए राजी हो जाती है तो फिर ये न सिर्फ शिवसेना के मूल वोटबैंक पर एक भारी चोट होगी बल्कि कार्यकर्ताओं का भी मोह भंग होने जैसी स्थिति आ जायेगी. हालांकि अभी तक इस पर शिवसेना की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नही आयी है.

रिपोर्ट के मुताबिक़ कल शरद पंवार और सोनिया गांधी आपस में मिलकर के एक मीटिंग करने वाले है और उस मीटिंग में तय किया जाएगा कि शिवसेना के साथ आखिर क्या करना है? दोनों पार्टियां समर्थन को कही न कही तैयार तो दिख रही है लेकिन अभी वो ये रणनीति बना रहे है कि सरकार बनाने के बाद में सेना को काबू में कैसे रख सकेंगे?